
दंतेवाड़ा। एनएमडीसी के किरंदुल-बचेली क्षेत्र में सीएसआर मद से कराए जा रहे विकास कार्यों को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव और जिला पंचायत सदस्य तुलिका कर्मा ने प्रेसवार्ता कर आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये के कार्यों की निविदा प्रक्रिया में स्थानीय ठेकेदारों को पर्याप्त अवसर नहीं दिया जा रहा है। उनके अनुसार, टेंडर प्रक्रिया ऐसी बनाई गई है, जिससे सीमित लोगों को ही लाभ मिल रहा है।
तुलिका कर्मा ने दावा किया कि 20 से 40 करोड़ रुपये तक की परियोजनाओं के लिए खुली प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया अपनाने के बजाय सीमित निविदा पद्धति का इस्तेमाल किया गया। उनका कहना है कि यदि ऑनलाइन और ओपन टेंडर प्रक्रिया अपनाई जाती तो क्षेत्र के अधिक पंजीकृत ठेकेदारों को भागीदारी का अवसर मिलता। उन्होंने इसे स्थानीय हितों के विपरीत बताते हुए पूरी प्रक्रिया की समीक्षा की मांग की।
प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने कुछ जनप्रतिनिधियों पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि बाहरी एजेंसियों को लाभ पहुंचाने के लिए प्रभाव का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने राज्य सरकार, जिला प्रशासन और एनएमडीसी प्रबंधन से मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि शिकायतों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।
वहीं, किरंदुल कांट्रेक्टर वेलफेयर एसोसिएशन ने भी एनएमडीसी प्रबंधन को ज्ञापन सौंपकर स्थानीय ठेकेदारों को प्राथमिकता देने और टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने की मांग की है। फिलहाल इस पूरे मामले पर एनएमडीसी प्रबंधन और संबंधित जनप्रतिनिधियों की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।