रायपुर। शारदीय नवरात्रि के साथ ही छत्तीसगढ़ में गरबा आयोजनों को लेकर माहौल गरमाने लगा है। एक ओर राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने मुस्लिम युवाओं से गरबा आयोजनों में शामिल होने से पहले आयोजन समिति की अनुमति लेने और धार्मिक परंपराओं का सम्मान करने की अपील की है। वहीं दूसरी ओर बजरंग दल ने गरबा आयोजनों को लेकर प्रशासन के सामने 14 बिंदुओं की मांग रखी है।

वक्फ बोर्ड अध्यक्ष के बयान के बाद गरबा में प्रवेश, धार्मिक मर्यादा और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बहस तेज हो गई है। वहीं बजरंग दल ने साफ कहा है कि गरबा को केवल मनोरंजन या सामान्य इवेंट की तरह आयोजित नहीं किया जाना चाहिए।

वक्फ बोर्ड अध्यक्ष का सख्त संदेश
डॉ. सलीम राज ने मुस्लिम युवाओं से अपील की है कि वे गरबा जैसे धार्मिक आयोजनों में जाने से पहले आयोजन समिति से अनुमति लें और अपना वास्तविक नाम दर्ज कराएं। उनका कहना है कि गरबा केवल नृत्य का कार्यक्रम नहीं, बल्कि धार्मिक आस्था से जुड़ा आयोजन है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई मुस्लिम युवक गरबा में शामिल होना चाहता है तो उसे वहां की धार्मिक परंपराओं और नियमों का सम्मान करना चाहिए। रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने तिलक लगाने, कलावा बांधने और पूजा से जुड़ी परंपराओं का पालन करने की बात भी कही है।dbgifmagic-2026-10-03t211904082_1791043267.gif

दूसरे समाज की महिलाओं के साथ गरबा न करने की अपील
डॉ. सलीम राज ने मुस्लिम युवाओं से अपनी मां, बहन और बेटियों के साथ गरबा में शामिल होने की अपील की है। साथ ही उन्होंने दूसरे समाज की महिलाओं के साथ गरबा नहीं करने की बात कही है। उन्होंने गरबा आयोजनों में छेड़छाड़ और ‘लव जिहाद’ जैसे मामलों का आरोप लगाते हुए युवाओं से सावधानी बरतने की अपील की है। साथ ही पहचान छिपाकर या नाम बदलकर प्रवेश करने वालों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की बात कही। ये दावे उनके बयान के रूप में सामने आए हैं; इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं की गई हैवक्फ बोर्ड की अपील- मुस्लिम युवक गरबा में शामिल हों तो मूर्ति पूजा करें, तिलक लगाएं।

‘आस्था नहीं तो गरबा में जाने की जरूरत नहीं’
वक्फ बोर्ड अध्यक्ष का कहना है कि गरबा धार्मिक आस्था से जुड़ा आयोजन है। ऐसे में जिन लोगों की उस धार्मिक परंपरा में आस्था नहीं है, उन्हें केवल मनोरंजन के उद्देश्य से गरबा में जाने से बचना चाहिए। उन्होंने मुस्लिम युवाओं से धार्मिक आयोजनों की मर्यादा का सम्मान करने और किसी भी ऐसी गतिविधि से बचने की अपील की, जिससे विवाद या सामाजिक तनाव की स्थिति पैदा हो।

बजरंग दल ने भी प्रशासन के सामने रखी 14 मांगें
इधर रायपुर में बजरंग दल ने नवरात्रि के गरबा आयोजनों को लेकर प्रशासन से स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि गरबा धार्मिक आयोजन हैं और इनकी धार्मिक मर्यादा बनाए रखना जरूरी है। रायपुर जिला संयोजक भूषण साहू ने आयोजकों से नियमों का पालन करने की अपील की है। संगठन ने गरबा समितियों के लिए 14 बिंदुओं पर दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है। इनमें पहचान पत्र की जांच, प्रवेश व्यवस्था, सुरक्षा जांच, सीसीटीवी निगरानी और महिला सुरक्षा कर्मियों की तैनाती जैसे मुद्दे शामिल हैं।बजरंग दल ने कहा- गरबा धार्मिक आयोजन हैं, इसलिए इन्हें सिर्फ मनोरंजन या इवेंट का रूप नहीं किया जाना चाहिए।

महिलाओं की सुरक्षा पर खास जोर
बजरंग दल ने प्रशासन को दिए आवेदन में गरबा पंडालों में महिलाओं की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम की मांग की है। संगठन ने प्रवेश और निकासी की बेहतर व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण, महिला सुरक्षा कर्मियों की मौजूदगी और शिकायत मिलने पर तत्काल पुलिस कार्रवाई की व्यवस्था की मांग की है। इसके अलावा संगठन ने कहा है कि किसी विवाद, अभद्र व्यवहार या छेड़छाड़ की स्थिति में आयोजक खुद कानून हाथ में न लें, बल्कि तत्काल पुलिस और प्रशासन को सूचना दें।गरबा समितियों को 14 बिंदुओं पर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की गई है।

CCTV से लेकर फायर सेफ्टी तक की मांग
गरबा पंडालों में सीसीटीवी कैमरों के साथ-साथ आग से बचाव के इंतजाम, सुरक्षित विद्युत व्यवस्था, इमरजेंसी एग्जिट, प्राथमिक उपचार और भीड़ को नियंत्रित करने की व्यवस्था रखने की मांग भी की गई है। संगठन ने प्रशासन से प्रमुख गरबा स्थलों का निरीक्षण कराने और आवश्यकता के अनुसार पुलिस बल तैनात करने की मांग की है।

अब प्रशासन के रुख पर नजर
गरबा आयोजनों को लेकर सामने आए इन बयानों और मांगों के बाद अब नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर है। एक तरफ धार्मिक मर्यादा और आयोजन समिति की अनुमति को लेकर बयान सामने आए हैं, तो दूसरी तरफ सुरक्षा और प्रवेश व्यवस्था को लेकर प्रशासन से स्पष्ट नियम बनाने की मांग की गई है।