अंगुल। ओडिशा के अंगुल जिले में आबकारी विभाग ने गांजा तस्करी के एक बड़े मामले का खुलासा किया है। बगड़िया थाना क्षेत्र के नुआगांव गांव में की गई छापेमारी के दौरान टीम ने जमीन के अंदर ड्रम में छिपाकर रखा गया 90 किलो गांजा बरामद किया है। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के पास से गांजे के अलावा 2.30 लाख रुपये नकद और एक मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, बरामद गांजे की बाजार कीमत करीब 9 लाख रुपये है। विभाग को आशंका है कि इस तस्करी नेटवर्क के तार आसपास के जिलों से भी जुड़े हो सकते हैं।

खुफिया जानकारी के आधार पर हुई कार्रवाई

जानकारी के मुताबिक, आबकारी अधीक्षक मधुस्मिता नायक के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। विभाग को सूचना मिली थी कि दूसरे स्थानों से गांजा लाकर नुआगांव गांव में जमा किया जा रहा है। इसके बाद इस मादक पदार्थ को अलग-अलग इलाकों में अवैध बिक्री के लिए भेजा जाता है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए आबकारी विभाग की टीम ने गांव में तलाशी अभियान शुरू किया।

छापेमारी के दौरान टीम को तस्करी का ऐसा तरीका पता चला, जिसका इस्तेमाल पुलिस और आबकारी विभाग की नजरों से बचने के लिए किया जा रहा था। आरोपियों ने जमीन खोदकर उसमें ड्रम गाड़ रखे थे। गांजे को पॉलीथीन में पैक करके इन ड्रमों के अंदर रखा गया था। ऊपर से मिट्टी डालकर जगह को छिपा दिया गया था, ताकि किसी को वहां मादक पदार्थ होने का संदेह न हो।

दो आरोपियों से गांजा, नकदी और बाइक जब्त

कार्रवाई के दौरान गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान लिपुन नायक और टुकुना नायक के रूप में हुई है। दोनों नुआगांव गांव के निवासी बताए गए हैं। आबकारी विभाग के अनुसार, दोनों के कब्जे से अलग-अलग मात्रा में गांजा और अन्य सामान बरामद किया गया है।

विभाग की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, लिपुन नायक के पास से 82 किलो गांजा बरामद किया गया। इसके साथ ही 2 लाख 30 हजार रुपये नकद भी जब्त किए गए हैं। वहीं, दूसरे आरोपी टुकुना नायक के पास से 8 किलो गांजा मिला है। उसके कब्जे से एक मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है। इस तरह दोनों आरोपियों के पास से कुल 90 किलो गांजा बरामद हुआ है।

अधिकारियों ने जब्त किए गए गांजे की अनुमानित बाजार कीमत करीब 9 लाख रुपये बताई है। इसके अलावा नकदी और मोटरसाइकिल की बरामदगी से मामले की जांच का दायरा और बढ़ गया है।

पहले भी एनडीपीएस मामले में पकड़ा जा चुका है आरोपी

आबकारी विभाग के अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी लिपुन नायक का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। बताया गया है कि वह पहले भी एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज एक मामले में शामिल रहा है और मादक पदार्थों की तस्करी के आरोप में पकड़ा जा चुका है। इस जानकारी के आधार पर जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि आरोपी का पहले के मामलों और मौजूदा तस्करी नेटवर्क से क्या संबंध है।

इस मामले में आबकारी विभाग ने दो अलग-अलग प्रकरण दर्ज किए हैं। फिलहाल दोनों आरोपियों से जुड़े तथ्यों और गांजे की सप्लाई के संभावित नेटवर्क की जांच की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि यह गतिविधि लंबे समय से चल रही हो सकती है और आसपास के जिलों तक गांजे की आपूर्ति की जा रही थी।

गांजा कहां से आया, बड़े नेटवर्क की तलाश जारी

अब जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतनी बड़ी मात्रा में गांजा कहां से लाया गया था और इसे किन-किन इलाकों में भेजने की तैयारी थी। विभाग यह भी पता लगाने में जुटा है कि इस पूरे मामले के पीछे कोई बड़ा तस्करी गिरोह सक्रिय है या नहीं।

जमीन के भीतर ड्रम गाड़कर गांजा छिपाने का तरीका इस बात की ओर इशारा करता है कि आरोपी मादक पदार्थ को लंबे समय तक गुप्त स्थान पर रखने की कोशिश कर रहे थे। हालांकि, तस्करी नेटवर्क और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

फिलहाल, आबकारी विभाग की कार्रवाई के बाद नुआगांव में गांजा तस्करी के इस मामले को लेकर जांच तेज कर दी गई है। अधिकारियों का लक्ष्य गांजे की सप्लाई के स्रोत का पता लगाने के साथ-साथ इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करना भी है।