नई दिल्ली। पंजाब और झारखंड में कथित पेपर लीक मामलों को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। पंजाब में फार्मासिस्ट भर्ती परीक्षा में कथित पेपर लीक और हाई-टेक नकल के आरोपों को लेकर कांग्रेस ने भगवंत मान सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है, जबकि झारखंड में विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के आरोपों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) हेमंत सोरेन सरकार पर हमलावर है। दोनों राज्यों में यह मुद्दा अब सड़क से लेकर संसद तक गूंज रहा है।

पंजाब में कांग्रेस का सरकार पर हमला
पंजाब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के नेतृत्व में पार्टी सांसदों ने संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस का आरोप है कि राज्य में लगातार भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। विपक्ष ने राज्य के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के इस्तीफे की मांग करते हुए आरोप लगाया कि सरकार भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता सुनिश्चित करने में विफल रही है। कांग्रेस का दावा है कि पिछले साढ़े चार वर्षों में कई भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताएं सामने आई हैं।

फरीदकोट में छात्रों के समर्थन में पहुंचे चरणजीत सिंह चन्नी
पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी भी फरीदकोट में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के बीच पहुंचे। छात्रों की मांग है कि राज्य में सख्त एंटी-पेपर लीक कानून लागू किया जाए और भर्ती परीक्षाओं की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए, ताकि युवाओं का भरोसा बहाल हो सके।

CM भगवंत मान ने आरोपों को किया खारिज
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनकी सरकार के कार्यकाल में किसी परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक नहीं हुआ। उन्होंने दावा किया कि जांच में केवल हाई-टेक नकल गिरोह का खुलासा हुआ, जिसमें कुछ अभ्यर्थी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के जरिए अनुचित तरीके अपनाने की कोशिश कर रहे थे।

झारखंड में BJP का हेमंत सरकार पर हमला
उधर, झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर BJP ने भी आंदोलन तेज कर दिया है। पार्टी नेताओं का आरोप है कि राज्य में भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी नहीं रही और परीक्षा माफिया को संरक्षण मिला। BJP का कहना है कि राज्य में पिछले कुछ वर्षों के दौरान कई प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के मामले सामने आए, जिससे लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ।

संसद तक पहुंचा विवाद
पेपर लीक का मुद्दा अब संसद में भी गूंज रहा है। विपक्ष लगातार भर्ती परीक्षाओं की विश्वसनीयता, पारदर्शिता और युवाओं के भविष्य का मुद्दा उठाते हुए सरकारों से जवाब मांग रहा है। वहीं दोनों राज्यों की सरकारें अपने-अपने स्तर पर आरोपों का जवाब दे रही हैं।