बिहार के कोर्ट से जारी गिरफ्तारी वारंट की रिपोर्ट दबाकर बैठे थे निरीक्षक।

मुख्यालय के आदेश की अनदेखी पर एसएसपी रजनेश सिंह ने चलाया चाबुक।

लापरवाही और अनुशासनहीनता के आरोप में सस्पेंड कर भेजे गए पुलिस लाइन।

 बिलासपुर पुलिस विभाग में बड़ी  कार्रवाई हुई है। जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) रजनेश सिंह ने काम में लापरवाही बरतने वाले सिरगिट्टी थाना प्रभारी को सस्पेंड कर दिया है। 

एसएसपी ने तत्कालीन सिरगिट्टी थाना प्रभारी (हाल रक्षित केंद्र) निरीक्षक अभय सिंह बैस को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने पुलिस मुख्यालय (PHQ) के निर्देशों की घोर अनदेखी की और तय समय पर एक महत्वपूर्ण रिपोर्ट उच्च कार्यालय को नहीं भेजी।

बिहार कोर्ट से जुड़ा है गिरफ्तारी का मामला

दरअसल, इस पूरी लापरवाही की जड़ बिहार के भभुआ (कैमूर) से जुड़ी है। वहां के प्रथम व्यवहार न्यायालय ने एक प्रकरण में मोहम्मद आरिफ खान नाम के आरोपी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था।

आरोपी मोहम्मद आरिफ खान (पिता अलीम खान) बिलासपुर के यदुनंदन नगर और वर्तमान में मैग्नेटो मॉल के पास बनर्जी गली का रहने वाला है। भभुआ कोर्ट ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 144(3) के तहत वारंट जारी कर बिलासपुर पुलिस को कार्रवाई के लिए भेजा था।

पीएचक्यू के आदेश की उड़ाई धज्जियां

इस वारंट की तामीली या अदम तामीली को लेकर रायपुर स्थित पुलिस मुख्यालय ने 12 जून 2026 को एक पत्र जारी किया था। पीएचक्यू ने एक तय समयावधि के भीतर इस कार्रवाई का पालन प्रतिवेदन (रिपोर्ट) मांगा था।

लेकिन तत्कालीन सिरगिट्टी टीआई अभय सिंह बैस ने मुख्यालय के इस स्पष्ट आदेश की धज्जियां उड़ा दीं। उन्होंने न तो वारंट तामील कराने में मुस्तैदी दिखाई और न ही शासन को तय समय पर जवाब भेजना जरूरी समझा।

एसएसपी ने माना 'घोर लापरवाही', भेजा लाइन

अफसर के इस सुस्त रवैये और अनुशासनहीनता पर एसएसपी रजनेश सिंह ने बेहद कड़ा रुख अपनाया। निलंबन आदेश में स्पष्ट लिखा गया है कि पुलिस मुख्यालय के निर्देश के बाद भी रिपोर्ट न भेजना पदीय दायित्वों में 'घोर लापरवाही' को दर्शाता है।

इसी आधार पर एसएसपी ने बिना कोई ढील दिए निरीक्षक बैस को सस्पेंड कर दिया है। निलंबन की इस पूरी अवधि में उनका मुख्यालय रक्षित केंद्र (लाइन) रहेगा, इस तगड़ी कार्रवाई से जिले भर के थानों में हड़कंप मच गया है।