
धमतरी। गर्मी से राहत दिलाने वाला एक साधारण सा पेय पदार्थ उस वक्त दहशत का कारण बन गया, जब 10 रुपये की फ्रूटी के पाउच से ऐसा खुलासा हुआ जिसने हर माता-पिता को सोचने पर मजबूर कर दिया। धमतरी जिले के करेली बड़ी क्षेत्र में दो साल की मासूम बच्ची ने जैसे ही फ्रूटी पी, उसकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। परिजनों ने जब पाउच को ध्यान से देखा तो उनके होश उड़ गए। अंदर करीब 3 इंच लंबा संदिग्ध अवशेष दिखाई दिया।
घटना के बाद बच्ची को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज शुरू किया गया है। बताया जा रहा है कि जांच में पाउच के भीतर मिले अवशेष की पहचान छिपकली की चमड़ी के रूप में हुई है। इस खुलासे के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और पैकेज्ड फूड व पेय पदार्थों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर सीलबंद पैकेट के अंदर यह अवशेष पहुंचा कैसे? क्या निर्माण प्रक्रिया में बड़ी लापरवाही हुई, या फिर सप्लाई चेन के किसी चरण में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई? इन सवालों के जवाब तलाशने के लिए प्रशासन और संबंधित विभाग जांच में जुट गए हैं।
फिलहाल, बच्ची की हालत स्थिर बताई जा रही है, लेकिन इस घटना ने उपभोक्ता सुरक्षा और खाद्य गुणवत्ता नियंत्रण की व्यवस्था को लेकर नई बहस छेड़ दी है। परिजनों ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है, जबकि लोग यह जानना चाहते हैं कि आखिर उनके बच्चों तक पहुंचने वाले खाद्य उत्पाद कितने सुरक्षित हैं।