
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बेंगलुरु यात्रा से जुड़ी सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। प्रधानमंत्री के दौरे से पहले उनके काफिले के संभावित रूट के नजदीक जिलेटिन स्टिक और टाइमर जैसी संदिग्ध सामग्री मिलने के मामले में कार्रवाई करते हुए छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। यह मामला उस समय सामने आया जब 10 मई को आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन के 45वें स्थापना कार्यक्रम से पहले सुरक्षा एजेंसियां इलाके का निरीक्षण कर रही थीं।
जांच के दौरान एक पुलिस कांस्टेबल को सर्किट और टाइमर से जुड़ी जिलेटिन छड़ें बरामद हुई थीं, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां तुरंत अलर्ट मोड पर आ गईं। मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने भी जांच शुरू की। शुरुआती जांच में सुरक्षा प्रोटोकॉल के पालन में लापरवाही और निगरानी में कमी की बात सामने आई है। इसी आधार पर बेंगलुरु दक्षिण जिले के पुलिस अधीक्षक आर. श्रीनिवास गौड़ा ने एक सब-इंस्पेक्टर, एक असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर और चार कांस्टेबलों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
प्रधानमंत्री की सुरक्षा से जुड़े इस संवेदनशील मामले ने सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि विस्फोटक सामग्री वहां कैसे पहुंची और इसके पीछे किसी बड़े नेटवर्क या साजिश की आशंका तो नहीं है। केंद्र और राज्य स्तर की एजेंसियां मामले की हर एंगल से जांच कर रही हैं ताकि भविष्य में ऐसी चूक दोबारा न हो सके।