रायपुर. छत्तीसगढ़ कैडर के 2016 बैच के तेज-तर्रार आईएएस अफसर डॉ. रवि मित्तल को केंद्र सरकार ने बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। उन्हें प्रतिनियुक्ति (डेपुटेशन) पर प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में उप सचिव (डिप्टी सेक्रेटरी) नियुक्त किया गया है। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) ने उनकी इस नई पोस्टिंग का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। डॉ. मित्तल फिलहाल छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग के आयुक्त (CPR) की अहम जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
4 साल का होगा कार्यकाल
केंद्र सरकार की मंत्रिमंडल नियुक्ति समिति (ACC) ने डॉ. मित्तल की इस नियुक्ति पर मुहर लगा दी है। जारी आदेश में साफ लिखा है कि वे PMO में डिप्टी सेक्रेटरी का पदभार ग्रहण करने की तारीख से अगले चार साल तक इस पद पर रहेंगे। हालांकि, प्रशासनिक जरूरतों को देखते हुए या अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, इस कार्यकाल में बदलाव भी हो सकता है। यह नियुक्ति राज्य से केंद्र स्तर पर उनके लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
डॉक्टर से IAS तक का सफर: पहली बार में पाई सफलता
- डॉ. रवि मित्तल की पृष्ठभूमि बेहद खास है। वे मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के रहने वाले हैं। उनके परिवार का बैकग्राउंड पूरी तरह से चिकित्सा (मेडिकल) क्षेत्र से जुड़ा है।
- प्रशासनिक सेवा में आने से पहले उन्होंने दिल्ली के प्रतिष्ठित मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज से MBBS की डिग्री हासिल की थी।
- डॉक्टरी की पढ़ाई के बाद उनका रुझान सिविल सेवा की तरफ हुआ। अपनी कड़ी मेहनत के दम पर उन्होंने साल 2015 में पहले ही प्रयास में UPSC परीक्षा में 61वीं रैंक हासिल की और आईएएस बन गए।
- फील्ड में काम करने का लंबा अनुभव
- डॉ. मित्तल को जमीनी स्तर पर बेहतरीन काम और मजबूत प्रशासनिक कसावट के लिए जाना जाता है।
- जनसंपर्क आयुक्त बनने से पहले वे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के गृह जिले जशपुर में कलेक्टर के पद पर थे। वहां उनकी प्रशासनिक शैली और विकास कार्यों की काफी चर्चा रही।
- इससे पहले वे महासमुंद, रायगढ़ और रायपुर जैसे बड़े जिलों में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) के रूप में काम कर चुके हैं।
- साल 2018 में वे बगीचा (जशपुर) के SDM भी रहे।
फिलहाल वे जनसंपर्क आयुक्त के साथ-साथ मुख्यमंत्री सचिवालय में संयुक्त सचिव का जिम्मा भी संभाल रहे थे, जहां वे राज्य सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने का काम कर रहे थे।

PMOमें डिप्टी सेक्रेटरी का पद बेहद अहम होता है। यहां अधिकारी सीधे प्रधानमंत्री के पर्यवेक्षण में काम करते हैं और मंत्रालयों के बीच समन्वय बनाते हैं। एक MBBS डॉक्टर के रूप में करियर शुरू करने वाले डॉ. मित्तल का प्रधानमंत्री कार्यालय तक का यह सफर अन्य युवा अधिकारियों के लिए काफी प्रेरणादायक है।





