
रोहतक: हरियाणा के रोहतक में हुई फायरिंग की घटना ने कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। महम विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक बलराम दांगी के कार्यालय पर अज्ञात बदमाशों द्वारा की गई ताबड़तोड़ फायरिंग ने यह संकेत दिया है कि अपराधियों के हौसले किस कदर बुलंद हैं। हैरानी की बात यह है कि यह पूरी वारदात पुलिस स्टेशन के ठीक सामने हुई, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार, हमलावरों ने विधायक कार्यालय को निशाना बनाते हुए कई राउंड फायरिंग की। गोलियां दफ्तर के शीशों को तोड़ते हुए अंदर तक जा पहुंचीं, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। गनीमत रही कि घटना के समय किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन इस दुस्साहसिक हमले ने स्थानीय लोगों में डर का माहौल पैदा कर दिया है।
घटना के बाद पुलिस हरकत में आई और मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की गई। शुरुआती जांच में कई राउंड फायरिंग की पुष्टि हुई है। हालांकि सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब पुलिस थाना कुछ ही दूरी पर मौजूद था, तब हमलावर इतने बेखौफ होकर वारदात को अंजाम देकर कैसे फरार हो गए। यह घटना अपराध नियंत्रण के दावों पर भी सवालिया निशान लगा रही है।
फिलहाल, पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश कर रही है। लेकिन इस घटना ने एक बार फिर यह बहस छेड़ दी है कि यदि पुलिस स्टेशन के सामने स्थित जनप्रतिनिधि का कार्यालय भी सुरक्षित नहीं है, तो आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर जनता कितना भरोसा कर सकती है।