
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट परिसर के मंदिरों के चढ़ावे में कथित अनियमितता और चोरी के मामले में जांच तेज हो गई है। एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर दर्ज एफआईआर के बाद नामजद आरोपी रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू को गिरफ्तार कर आज न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। वहीं, मामले में गिरफ्तार अन्य सात आरोपियों का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है।
एसआईटी रिपोर्ट के बाद तेज हुई कार्रवाई
जांच एजेंसियों की कार्रवाई के तहत गुरुवार को आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके बाद आज पुलिस ने सभी नामजद आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। पूछताछ और मेडिकल प्रक्रिया पूरी होने के बाद टिन्नू यादव को जेल भेज दिया गया, जबकि अन्य आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
आठ लोगों के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर
मामले में नामजद आरोपियों में रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू, ट्रस्ट कर्मी अनुकल्प मिश्र, लवकुश मिश्र, मनीष यादव, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्र, अविनाश शुक्ल और सेवानिवृत्त बैंककर्मी सुभाष श्रीवास्तव शामिल हैं। एफआईआर में चोरी, आपराधिक न्यासभंग (Criminal Breach of Trust), चोरी की संपत्ति रखने तथा आपराधिक साजिश (Criminal Conspiracy) जैसी गंभीर धाराएं लगाई गई हैं।
जांच का दायरा बढ़ा, सभी आरोपियों की भूमिका खंगाल रही एजेंसियां
जांच एजेंसियों के अनुसार, सभी आरोपियों की भूमिका की अलग-अलग स्तर पर जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, जांच जारी है और मामले से जुड़े सभी तथ्यों को खंगाला जा रहा है।
अंतिम रिपोर्ट पर टिकी निगाहें
यह मामला धार्मिक, कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर व्यापक चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि, जांच अभी जारी है और किसी भी आरोपी की कानूनी जिम्मेदारी का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया तथा एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट के बाद ही होगा। फिलहाल, पुलिस और जांच एजेंसियां पूरे प्रकरण की हर कड़ी की जांच कर रही हैं। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट और साक्ष्यों के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई तय होगी।