रायपुर: राजधानी रायपुर का भाठागांव स्थित इंटर स्टेट बस टर्मिनल (ISBT) बदहाल व्यवस्थाओं का जीता-जागता उदाहरण बन चुका है। रोजाना करीब 5 हजार यात्रियों की आवाजाही वाले इस प्रमुख बस स्टैंड पर बुनियादी सुविधाएं तक चरमराई हुई हैं। भीषण गर्मी के बीच यात्रियों को पानी, ठंडक और सुरक्षा जैसी मूल जरूरतों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है, जिससे प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

भीषण तापमान के बीच यहां ठंडे पानी की व्यवस्था लगभग ठप है। चार वाटर कूलर लगे होने के बावजूद केवल एक ही काम कर रहा है, जबकि अन्य खराब पड़े हैं। 43-44 डिग्री सेल्सियस की गर्मी में यात्री प्यास से बेहाल नजर आते हैं। गर्मी से राहत देने के लिए पर्याप्त कूलिंग या वेंटिलेशन सिस्टम भी नहीं है, जिसके चलते लोग फर्श पर बैठकर या लेटकर समय बिताने को मजबूर हैं।

बस टर्मिनल में सुविधाओं का अभाव यहीं खत्म नहीं होता। एकमात्र एटीएम भी लंबे समय से बंद पड़ा है, जिससे यात्रियों को नकदी के लिए बाहर भटकना पड़ता है। वहीं, प्लेटफॉर्म पर आवारा पशुओं की मौजूदगी सुरक्षा और स्वच्छता दोनों के लिहाज से चिंता का विषय बन गई है। यह स्थिति बताती है कि निगरानी और रखरखाव की व्यवस्था लगभग न के बराबर है।

महिलाओं के लिए भी हालात बेहद असुविधाजनक हैं। इतने बड़े बस स्टैंड में न तो अलग प्लेटफॉर्म की व्यवस्था है और न ही ब्रेस्टफीडिंग या लैक्टेशन रूम जैसी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसके अलावा, पूछताछ केंद्र भी केवल औपचारिकता बनकर रह गया है, जहां यात्रियों को सही जानकारी देने के लिए कोई स्थायी व्यवस्था मौजूद नहीं है।

स्थानीय जनप्रतिनिधियों और परिवहन संगठनों ने इस अव्यवस्था पर कड़ी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि जब नगर निगम नियमित रूप से किराया वसूल रहा है, तो यात्रियों को मूलभूत सुविधाएं देना भी उसकी जिम्मेदारी है। लगातार शिकायतों के बावजूद सुधार नहीं होना प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाता है, जिसे तुरंत दुरुस्त करने की जरूरत है।