रायपुर। भीषण गर्मी में घंटों सड़क पर ड्यूटी करने वाले ट्रैफिक जवानों को राहत देने के लिए रायपुर पुलिस ने एसी (कूलिंग) हेलमेट का ट्रायल शुरू किया है। शनिवार को शुरू हुए इस परीक्षण के तहत कुछ ट्रैफिक जवानों को विशेष कूलिंग तकनीक वाले हेलमेट उपलब्ध कराए गए हैं। ट्रायल सफल रहता है, तो भविष्य में बड़ी संख्या में ट्रैफिक कर्मियों को ऐसे हेलमेट उपलब्ध कराए जा सकते हैं।

गर्मी में ड्यूटी करने वाले जवानों को मिलेगी राहत
ट्रैफिक पुलिस के जवान रोजाना कई घंटे खुले आसमान के नीचे यातायात नियंत्रित करते हैं। गर्मी के मौसम में उन्हें हीट स्ट्रेस, डिहाइड्रेशन और अत्यधिक थकान जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसी चुनौती को देखते हुए यह नई तकनीक परीक्षण के तौर पर अपनाई गई है।

कंपनी ने ट्रायल के लिए उपलब्ध कराए हेलमेट
एडीसीपी ट्रैफिक विवेक शुक्ला ने बताया कि एक निजी कंपनी ने ट्रायल के उद्देश्य से कुछ कूलिंग हेलमेट उपलब्ध कराए हैं। इनका परीक्षण भीषण गर्मी में ड्यूटी करने वाले ट्रैफिक जवानों पर किया जा रहा है। ट्रायल के परिणामों के आधार पर आगे का निर्णय लिया जाएगा।

कैसे काम करता है AC हेलमेट?
इस हेलमेट के ऊपरी हिस्से में बैटरी से संचालित छोटा पंखा (फैन) और एयर-डक्ट सिस्टम लगाया गया है। बैटरी पैक कमर या बेल्ट पर लगाया जाता है, जो बाहर की हवा को फिल्टर कर हेलमेट के भीतर सिर और चेहरे की ओर पहुंचाता है। कुछ मॉडलों में अतिरिक्त कूलिंग मॉड्यूल भी लगा होता है, जो हवा को और ठंडा करने में मदद करता है। एक बार पूरी तरह चार्ज होने पर यह हेलमेट सामान्यतः 6 से 8 घंटे तक काम कर सकता है।

कंपनी का दावा- 8 से 15 डिग्री तक कम महसूस हो सकती है गर्मी
निर्माता कंपनी और ट्रायल से जुड़े तकनीकी दावों के अनुसार, यह हेलमेट सिर के आसपास महसूस होने वाले तापमान को लगभग 8 से 15 डिग्री सेल्सियस तक कम महसूस कराने में मदद कर सकता है। इससे हीट स्ट्रेस और लू के खतरे को कम करने में सहायता मिल सकती है। हालांकि, इन दावों की प्रभावशीलता का आकलन ट्रायल के नतीजों के बाद ही स्पष्ट होगा। पुलिस विभाग का मानना है कि यदि यह तकनीक सफल साबित होती है, तो इससे ट्रैफिक जवानों की कार्यक्षमता, स्वास्थ्य सुरक्षा और मनोबल तीनों में सकारात्मक सुधार देखने को मिल सकता है।