
बिलासपुर : साइबर ठगों ने लोगों को ठगी का शिकार बनाने के लिए नया तरीका अपनाया है। अब फर्जी आरटीओ चालान के नाम पर मोबाइल और वाट्सएप हैक किए जा रहे हैं। इसके बाद हैकर्स पीड़ित की कॉन्टैक्ट लिस्ट में मौजूद लोगों को इमरजेंसी का मैसेज भेजकर पैसे की मांग कर रहे हैं। हाल ही में सामने आए एक मामले में ठेकेदार का वाट्सएप हैक करने के बाद उसके परिचितों से हजारों रुपए की ठगी कर ली गई।
मित्र के चालान की बात सुनकर खोली फाइल
जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले एक बिजली विभाग के लाइनमैन का मोबाइल साइबर ठगों ने हैक कर लिया था। इसके बाद उसके वाट्सएप से जुड़े सभी परिचितों को आरटीओ चालान के नाम पर एक फर्जी एपीके फाइल भेजी गई। यही फाइल बिजली ठेकेदार अनिल भोजवानी के मोबाइल पर भी पहुंची। उन्होंने कुछ दिनों तक फाइल को नहीं खोला। बताया गया कि एक दिन अनिल के एक मित्र ने आरटीओ चालान आने की बात कही। इसके बाद उन्होंने अपने मोबाइल पर आई फाइल को चेक करने की कोशिश की। फाइल खोलने के प्रयास के साथ ही उनके मोबाइल पर लगातार OTP आने लगे। उन्होंने OTP की प्रक्रिया को कैंसिल कर दिया, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। कुछ ही देर में उनका वाट्सएप हैक हो गया।
‘2000 रुपए अर्जेंट डाल दो’ का भेजा मेसेज
वाट्सएप का एक्सेस मिलते ही साइबर ठगों ने उनकी कॉन्टैक्ट लिस्ट में मौजूद परिचितों और दोस्तों को मैसेज भेजना शुरू कर दिया। मैसेज में लिखा गया कि ‘2000 रुपए अर्जेंट डाल दो, रात 8 बजे तक लौटा दूंगा।’ परिचितों को लगा कि अनिल को वास्तव में पैसों की जरूरत है। कई लोगों ने बिना फोन पर बात किए ही पैसे भेज दिए। किसी ने 2 हजार रुपए भेजे तो किसी ने 4 हजार रुपए। एक परिचित ने तो 12 हजार रुपए तक भेज दिए। एक व्यक्ति ने ठेकेदार के मोबाइल नंबर पर सीधे 2 हजार रुपए भेजे, जो उनके खाते में पहुंच गया। वहीं अन्य लोगों से साइबर ठगों ने स्कैनर के जरिए रकम मंगाई, जो सीधे उनके खाते में चली गई।
साइबर सेल पहुंचने के बाद खुला पूरा मामला
ठगी का पता चलने के बाद पीड़ित ने साइबर सेल से संपर्क किया। साइबर सेल की टीम ने मोबाइल में मौजूद संदिग्ध ऐप्स को हटवाया और सुरक्षा के लिए मोबाइल को पूरी तरह फॉर्मेट कराने की सलाह दी।
अब शादी के डिजिटल कार्ड के नाम पर भी एपीके
साइबर ठग अब आरटीओ चालान के अलावा शादी के डिजिटल कार्ड के नाम पर भी एपीके फाइल भेज रहे हैं। मैसेज में शादी का निमंत्रण बताते हुए एक फाइल या लिंक भेजा जाता है। जैसे ही कोई व्यक्ति उसे डाउनलोड या इंस्टॉल करता है, मोबाइल में मौजूद जानकारी और वाट्सएप तक अनधिकृत पहुंच का खतरा बढ़ जाता है। इसके बाद ठग उसी मोबाइल से जुड़े संपर्कों को मैसेज भेजकर ठगी का प्रयास करते हैं।
साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, अनजान नंबर से आने वाली एपीके फाइल को किसी भी स्थिति में डाउनलोड या इंस्टॉल नहीं करना चाहिए। आरटीओ चालान, बिजली बिल, शादी का कार्ड या किसी अन्य जरूरी दस्तावेज के नाम पर भेजी गई संदिग्ध फाइल को खोलने से पहले उसकी पुष्टि करना जरूरी है।