
बलरामपुर। करीब एक साल तक जिस मौत को सड़क हादसा समझा गया, उसके पीछे कथित तौर पर एक खौफनाक साजिश छिपी थी। पुलिस जांच में अब दावा किया गया है कि बाइक से जा रहे श्रीकांत रवि की मौत हादसा नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या थी। पुलिस के मुताबिक, श्रीकांत की पत्नी मनीषा ने कथित तौर पर अपने प्रेमी मोहम्मद हसन के साथ मिलकर पति को रास्ते से हटाने की साजिश रची। आरोप है कि हत्या को सड़क दुर्घटना का रूप देने के लिए पिकअप चालक को एक लाख रुपये की सुपारी दी गई और योजना के तहत श्रीकांत की बाइक को पिकअप से टक्कर मारी गई। मामला झारखंड के चिनियां थाना क्षेत्र का है, जहां अब करीब एक साल बाद इस कथित हत्या की परतें खुली हैं।
जिस मौत को हादसा समझा, उसके पीछे थी कथित साजिश
श्रीकांत रवि की मौत बाइक से जाते समय पिकअप की टक्कर लगने से हुई थी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि उनकी मौके पर ही मौत हो गई। उस समय घटना को सड़क दुर्घटना माना गया और पुलिस ने उसी आधार पर जांच आगे बढ़ाई। मामला करीब एक साल तक हादसे की फाइल में ही रहा। लेकिन बाद में सामने आई एक जानकारी ने पूरे घटनाक्रम की दिशा बदल दी।
मृतक की मां ने पुलिस को दी अहम जानकारी
श्रीकांत की मां ने पुलिस को उनकी बहू मनीषा और मोहम्मद हसन के कथित संबंधों के बारे में जानकारी दी। इस सुराग के बाद पुलिस ने पुराने मामले को नए सिरे से खंगालना शुरू किया। पूछताछ और जांच के दौरान पुलिस को कथित तौर पर ऐसे तथ्य मिले, जिनसे सड़क हादसे के पीछे साजिश की आशंका मजबूत हुई। इसके बाद पुलिस ने मामले को हत्या के एंगल से आगे बढ़ाया।
घर में किराएदार बनकर आया था हसन
पुलिस के मुताबिक, मोहम्मद हसन रामानुजगंज में मोबाइल की दुकान चलाता था। बताया गया कि वह कुछ समय तक श्रीकांत के घर में किराए पर भी रहा था। इसी दौरान मनीषा और हसन के बीच नजदीकियां बढ़ने की बात सामने आई। पुलिस का आरोप है कि बाद में दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए और यही रिश्ता श्रीकांत की हत्या की कथित साजिश की वजह बना। श्रीकांत और मनीषा की शादी करीब 13 साल पहले हुई थी। दोनों के तीन बच्चे भी हैं।
पति को रास्ते से हटाने की कथित प्लानिंग
पुलिस जांच के अनुसार, मनीषा और हसन ने कथित तौर पर श्रीकांत को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। हत्या को सीधे हत्या न दिखाकर सड़क हादसे का रूप देने की कथित साजिश रची गई। इसी योजना के तहत पिकअप चालक को कथित तौर पर एक लाख रुपये देने की बात सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, तय योजना के अनुसार जब श्रीकांत बाइक से जा रहे थे, तभी पिकअप ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में श्रीकांत की मौके पर ही मौत हो गई।
एक साल बाद बदली जांच की दिशा
श्रीकांत की मां से मिली जानकारी के बाद पुलिस ने पुराने घटनाक्रम से जुड़े लोगों से दोबारा पूछताछ की और उपलब्ध साक्ष्यों को खंगाला। जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को कथित साजिश के संकेत मिले। इसके बाद जिस घटना को अब तक सड़क हादसा माना जा रहा था, उसमें हत्या का एंगल सामने आया।
सुपारी से लेकर साजिश तक पुलिस खंगाल रही पूरी कड़ी
अब पुलिस इस मामले में सिर्फ आरोपियों की भूमिका ही नहीं, बल्कि कथित सुपारी की रकम, पिकअप चालक से संपर्क, हत्या की योजना और घटना से पहले तथा बाद की गतिविधियों की भी जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस कथित साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल थे ?
‘हादसा’ समझी गई मौत ने खड़े किए कई सवाल
करीब एक साल बाद सामने आई इस जानकारी ने पूरे मामले को पलट दिया है। एक परिवार ने जिस मौत को सड़क हादसा समझकर स्वीकार किया था, उसमें अब हत्या की साजिश की जांच चल रही है। फिलहाल, पुलिस मामले में सामने आए तथ्यों और आरोपों की कड़ियां जोड़ रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हत्या की कथित साजिश में किसकी क्या भूमिका थी और अदालत में आरोप किस तरह साबित होते हैं।