सोनीपत। हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान हत्याकांड की जांच के दौरान जिन दो शूटरों की तलाश थी, उनका अंत यूपी पुलिस के एनकाउंटर में हुआ। मुठभेड़ में मारे गए दोनों आरोपियों की पहचान सोनीपत निवासी 22 वर्षीय मोहित और 24 वर्षीय सुमित के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, दोनों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था और उन्हें गोगी गैंग से जुड़े शूटर बताया गया था। एनकाउंटर के बाद अब पुलिस दोनों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड, गैंग से जुड़े संपर्क और अंकित बालियान हत्याकांड में उनकी कथित भूमिका की कड़ियां जोड़ रही है। इसी बीच मोहित की जिंदगी से जुड़ी कई ऐसी बातें सामने आई हैं, जो बताती हैं कि पिछले कुछ वर्षों में वह किस तरह धीरे-धीरे अपराध की दुनिया में पहुंच गया।

10वीं के बाद छूटी पढ़ाई, दोस्तों के साथ बढ़ी दूरी
पुलिस और परिवार से मिली जानकारी के अनुसार, मोहित ने 10वीं के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी। इसके बाद उसका ज्यादातर समय दोस्तों के साथ गुजरने लगा।परिजनों के मुताबिक, धीरे-धीरे उसकी गतिविधियां बदलने लगीं और परिवार से उसका संपर्क भी कम होता गया। बाद में कथित आपराधिक गतिविधियों के कारण परिवार ने उससे दूरी बनाना शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, करीब 5-6 वर्षों से मोहित आपराधिक गतिविधियों और गैंगवार से जुड़ा हुआ था।

मारपीट से हथियारों तक, बढ़ता गया अपराध का दायरा
पुलिस के मुताबिक, मोहित के खिलाफ करीब आधा दर्जन आपराधिक मामले दर्ज थे। इनमें मारपीट और आर्म्स एक्ट से जुड़े मामले शामिल बताए जा रहे हैं।इसके अलावा पानीपत की एक लैब में आग लगाने के मामले में भी उसका नाम सामने आने की बात पुलिस रिकॉर्ड से जुड़ी जानकारी में कही जा रही है। पुलिस का दावा है कि समय के साथ उसका संपर्क गैंगवार से जुड़े लोगों से बढ़ता गया और बाद में वह गोगी गैंग के लिए शूटर के तौर पर काम करने लगा।

अंकित बालियान हत्याकांड में आया नाम
हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान की हत्या की जांच के दौरान पुलिस को मोहित और सुमित के बारे में अहम सुराग मिले है। दोनों की तलाश तेज की गई और उनकी गिरफ्तारी पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी लगातार उसकी पकड़ से बाहर थे। बाद में शामली इलाके में यूपी पुलिस की टीम के साथ हुई मुठभेड़ में दोनों मारे गए है।

पिता की मौत के बाद परिवार की जिम्मेदारी मां पर
मोहित के पिता महेश की करीब तीन साल पहले मौत हो गई थी। इसके बाद परिवार की जिम्मेदारी उनकी पत्नी ममता पर आ गई। परिजनों के मुताबिक, ममता ने निजी यूनिवर्सिटी में सफाई कर्मचारी के रूप में काम कर बच्चों की परवरिश की और परिवार का खर्च चलाया। लेकिन इसी दौरान मोहित का परिवार से जुड़ाव कम होता गया। परिजनों का कहना है कि उसकी आपराधिक गतिविधियों के कारण परिवार उससे दूरी बनाए रखने लगा था।

मां मेहनत करती रही, बेटा अपराध की राह पर बढ़ता गया
परिवार के लिए सबसे मुश्किल बात यह रही कि एक तरफ मां रोज मेहनत कर घर चला रही थीं, वहीं दूसरी तरफ मोहित का नाम लगातार आपराधिक मामलों में सामने आने लगा। मामा अमित के अनुसार, मोहित की गतिविधियों से परिवार परेशान था। इसी वजह से परिवार ने उससे नाता लगभग तोड़ लिया था। एनकाउंटर की खबर मिलने के बाद अब मां और भाई-बहन सदमे में हैं।

‘परिवार से बेदखल’ होकर अलग रहने लगा था
मामा के मुताबिक, परिवार ने मोहित की गतिविधियों से परेशान होकर उसे अलग कर दिया था। वह ज्यादातर परिवार से दूर रहता था और दोस्तों के साथ ही रहने लगा था। परिजनों के अनुसार, मोहित का परिवार से मिलना-जुलना भी काफी कम हो गया था। यह दूरी धीरे-धीरे इतनी बढ़ी कि परिवार और मोहित की जिंदगी लगभग अलग-अलग रास्तों पर चलने लगी।

ढाई महीने पहले परिवार ने छोड़ा था किराए का मकान
मकान मालिक दिलबाग के अनुसार, मोहित का परिवार लंबे समय तक उनके मकान में किराए पर रहा था। करीब ढाई महीने पहले उसकी मां ने मकान खाली कर दिया और परिवार दूसरी जगह किराए पर रहने लगा। परिवार के मुताबिक, आर्थिक स्थिति पहले से ही कमजोर थी। पिता की बीमारी और बाद में मौत के बाद परिवार को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।

एनकाउंटर की खबर से परिवार में पसरा सन्नाटा
मोहित के एनकाउंटर की खबर सामने आने के बाद परिवार में मातम छा गया। मां ममता, 17 वर्षीय भाई और 21 वर्षीय बहन का रो-रोकर बुरा हाल बताया जा रहा है। एक तरफ पुलिस मोहित के पुराने आपराधिक मामलों और गैंग कनेक्शन की जांच कर रही है, वहीं परिवार के लिए यह खबर अचानक आई त्रासदी की तरह है।

सुमित के घर पर भी लटका है ताला
एनकाउंटर में मारे गए दूसरे आरोपी सुमित का परिवार सोनीपत की TDI हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के जी ब्लॉक में रहता है। परिवार मूल रूप से गांव ककरोई का रहने वाला बताया जा रहा है। अंकित बालियान हत्याकांड में सुमित का नाम सामने आने के बाद से उसके घर पर ताला लगा हुआ है। आसपास के लोगों के मुताबिक, परिवार के सदस्य फिलहाल घर पर दिखाई नहीं दे रहे हैं।WhatsApp Image 2026-08-31 at 11.13.10

अब पुलिस खंगाल रही गैंग कनेक्शन की पूरी कड़ी
एनकाउंटर के बाद पुलिस के सामने अब कई सवाल हैं। दोनों आरोपियों का गैंग से संपर्क कब और कैसे हुआ? उनके पुराने आपराधिक मामलों की पूरी कड़ी क्या है? और अंकित बालियान हत्याकांड में उनकी कथित भूमिका कितनी थी? पुलिस इन सभी पहलुओं की जांच कर रही है।WhatsApp Image 2026-08-31 at 11.13.10 (1)

एक परिवार की मजबूरी, एक युवक का बदलता रास्ता
मोहित की कहानी में एक तरफ आर्थिक संघर्ष से जूझता परिवार है, जहां मां ने मेहनत कर बच्चों को संभाला, तो दूसरी तरफ एक ऐसा युवक है जिसके बारे में पुलिस का दावा है कि वह कुछ वर्षों में अपराध और गैंगवार की दुनिया में गहराई तक चला गया। अब एनकाउंटर के बाद उसकी आपराधिक जिंदगी से जुड़े पुराने पन्ने खोले जा रहे हैं। अंकित बालियान हत्याकांड की जांच आगे बढ़ने के साथ ही इस पूरी कहानी की बाकी कड़ियां भी सामने आने की उम्मीद है।