
नोएडा। दिल्ली के एक प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर विवादों में आई नोएडा की नाबालिग लड़की का एक और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने का दावा किया जा रहा है। कथित वीडियो में लड़की अपनी मौजूदा स्थिति को लेकर परेशान होने की बात कहती दिखाई दे रही है। वीडियो के अंत में प्रधानमंत्री के खिलाफ फिर आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किए जाने का दावा है। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। वीडियो कहां और कब रिकॉर्ड किया गया, इसे लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
‘मेरी जिंदगी नर्क बन गई...’
सोशल मीडिया पर सामने आए करीब 39 सेकेंड के वीडियो में लड़की कथित तौर पर कहती दिखाई दे रही है कि उसकी जिंदगी मुश्किल हो गई है और उसे हर जगह परेशान किया जा रहा है। वह यह भी कहती है कि उसके पास पहले जो कुछ था, वह सब खत्म हो गया है और वह सामान्य तरीके से कहीं आने-जाने या रहने की स्थिति में नहीं है। वीडियो के आखिरी हिस्से में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने का दावा किया जा रहा है।
वीडियो की लोकेशन को लेकर भी सवाल
वायरल वीडियो सामने आने के बाद नोएडा के सेक्टर-168 स्थित लोटस जिंग सोसायटी को लेकर भी चर्चा शुरू हुई। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि घटना के बाद से नाबालिग और उसकी मां सोसायटी में वापस नहीं आई हैं। स्थानीय स्तर पर यह भी दावा किया गया कि वायरल वीडियो सोसायटी का नहीं है। एक्सप्रेसवे थाना पुलिस ने भी लड़की के सोसायटी में मौजूद होने की बात से इनकार किया है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, उसके फरीदाबाद में होने की बात सामने आई है। हालांकि, वीडियो की वास्तविक लोकेशन की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
पहले प्रदर्शन का वीडियो हुआ था वायरल
इससे पहले दिल्ली में छात्रों के एक प्रदर्शन के दौरान नाबालिग का एक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ था। वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया था। मामला सामने आने के बाद 29 जुलाई को नोएडा के एक्सप्रेसवे थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायतकर्ता के तौर पर गाजियाबाद निवासी अधिवक्ता स्मृति सिंह का नाम सामने आया था।
नाबालिग और मां ने मांगी थी माफी
पहले विवाद के बाद नाबालिग और उसकी मां की ओर से एक वीडियो जारी कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से माफी मांगने की बात सामने आई थी। इसके बाद प्रदर्शन के दौरान आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करने वालों को लेकर प्रधानमंत्री की ओर से भी माफी दिए जाने की बात कही गई थी। अब नए कथित वीडियो के सामने आने के बाद पुराना विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
मामला फिर चर्चा में क्यों आया?
नए वीडियो में नाबालिग द्वारा अपनी परेशानी और मानसिक दबाव जैसी स्थिति का जिक्र किए जाने से मामला सिर्फ राजनीतिक विवाद तक सीमित नहीं रह गया है। नाबालिग की सुरक्षा, निजता और उसके आसपास के माहौल को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, वीडियो की प्रामाणिकता और इसमें कही गई बातों की परिस्थितियों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
वायरल वीडियो पर सावधानी जरूरी
नाबालिग से जुड़ा मामला होने के कारण सोशल मीडिया पर वायरल किसी भी वीडियो को बिना सत्यापन के सही मानना या उसकी पहचान से जुड़ी जानकारी प्रसारित करना उचित नहीं है। फिलहाल, पुलिस और संबंधित एजेंसियों की ओर से वीडियो की वास्तविकता, रिकॉर्डिंग की जगह और पूरे घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की पुष्टि का इंतजार है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वायरल वीडियो कब और कहां बनाया गया था और इसमें किए गए दावों की वास्तविक स्थिति क्या है?