पिनगवां। हरियाणा के नूंह जिले में लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा तैयार कराई गई एक नई सड़क निर्माण के कुछ ही दिनों बाद विवादों में घिर गई है। जहटाना से रसूलपुर गांव तक करीब 33 लाख रुपये की लागत से बनी सड़क महज दो सप्ताह के भीतर जगह-जगह से उखड़ने लगी। सड़क की खराब स्थिति सामने आने के बाद ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई और उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

ग्रामीणों के अनुसार, करीब 800 से 900 मीटर लंबी इस सड़क के निर्माण में मानकों का पालन नहीं किया गया। उनका आरोप है कि निर्धारित गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग करने के बजाय कम मात्रा और घटिया निर्माण सामग्री लगाई गई, जिसके कारण सड़क बनने के कुछ ही दिनों में क्षतिग्रस्त होने लगी। लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी राशि खर्च होने के बावजूद सड़क की हालत बेहद खराब हो गई है।

मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब गांव के कुछ युवाओं ने सड़क की वास्तविक स्थिति का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कर दिया। वीडियो में सड़क की उखड़ती परत और निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाए गए हैं। इसके बाद स्थानीय स्तर पर इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है और जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यशैली पर भी सवाल उठने लगे है।

ग्रामीणों ने ठेकेदार और संबंधित जूनियर इंजीनियर पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि सरकारी धन का सही उपयोग नहीं हुआ और निर्माण कार्य में गंभीर लापरवाही बरती गई। इस संबंध में ग्रामीणों ने नूंह के उपायुक्त (डीसी) को शिकायत सौंपकर पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है।

उपायुक्त ने शिकायत मिलने के बाद ग्रामीणों को भरोसा दिलाया है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि जांच में निर्माण कार्य में अनियमितता, गुणवत्ता में कमी या किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।