•  दुर्ग, कांकेर और सरगुजा में हुई कार्रवाई, लेकिन दुकानों में वसूली का सिंडिकेट चलाने वाले मुख्य आरोपी अब भी महफूज।

 

  •  कवर्धा में बैगा आदिवासियों से अवैध वसूली की शिकायत, विभाग की नीयत और कार्रवाई के तरीके पर उठे गंभीर सवाल।

रायपुर। छत्तीसगढ़ के शराब ठेकों में ओवररेटिंग और अवैध वसूली का खुला खेल बेखौफ चल रहा है। राज्य स्तरीय उड़नदस्ता टीमों ने जब दुर्ग, कांकेर और सरगुजा में औचक निरीक्षण किया, तो ग्राहकों से खुलेआम तय कीमत से ज्यादा पैसे ऐंठने का भंडाफोड़ हुआ।

इस खुलासे के बाद आबकारी आयुक्त पीएस एल्मा ने आनन-फानन में 3 उप निरीक्षकों (एसआई) को सस्पेंड कर दिया है। इसके साथ ही 2 जिला आबकारी अधिकारियों और 3 सहायक आबकारी अधिकारियों को नोटिस थमाकर सात दिनों में जवाब तलब किया है। लेकिन इस पूरी कागजी कार्रवाई के बीच मुख्य आरोपी अब भी गायब हैं।

 

प्यादों की बलि, असली आकाओं पर खामोशी क्यों?

 

आबकारी विभाग ने महज आठ दिनों के भीतर यह दूसरी बड़ी कार्रवाई की है। इससे पहले 11 जून को भी दर्जनभर अफसरों को निलंबन और नोटिस का झुनझुना पकड़ाया गया था। लेकिन बार-बार एक ही सवाल उठ रहा है कि क्या सिर्फ एसआई को सस्पेंड करने से यह सिंडिकेट खत्म हो जाएगा?

दुर्ग के अंजोरा में देशी शराब के 24 पाव पर 80 रुपए और सरगुजा की बौरीपारा दुकान में विदेशी शराब पर 100 रुपए तक की अतिरिक्त वसूली हो रही थी। हैरत की बात यह है कि दुकानों का संचालन करने वाले और इस काली कमाई से करोड़ों का मुनाफा काटने वाले असली रसूखदारों पर कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।

दुकानों में जो सेल्समैन ग्राहकों से सीधे पैसे वसूल रहे हैं, वे किसके इशारे पर काम कर रहे हैं, यह सबको पता है। इसके बावजूद दुकानों को ब्लैकलिस्ट करने या मुख्य ठेकेदारों को जेल भेजने जैसी कोई सख्त कार्रवाई अब तक नहीं की गई है।

 

इन अधिकारियों पर हुई निलंबन और नोटिस की कार्रवाई

 

कार्रवाई के नाम पर अंबिकापुर (सरगुजा) की बौरीपारा दुकान में एसआई अनिल गुप्ता को निलंबित किया गया है। वहीं, भानुप्रतापपुर (कांकेर) की दुर्गकोंदल दुकान में बीयर पर 10 रुपए ज्यादा लेने के आरोप में एसआई ओम प्रकाश सस्पेंड किए गए हैं। इसी कड़ी में दुर्ग के अंजोरा की दुकान में गड़बड़ी मिलने पर एसआई हरीश पटेल पर निलंबन की गाज गिरी है।

इन तीन एसआई के अलावा पांच बड़े अफसरों को केवल नोटिस देकर छोड़ दिया गया है। इन अफसरों में जिला आबकारी अधिकारी सीआर साहू (दुर्ग) और लक्ष्मीकांत गायकवाड़ (सरगुजा) शामिल हैं। इसके साथ ही सहायक आबकारी अधिकारी धीरज कनौजिया, मधुकर श्याम हरित (कांकेर) और शीला बड़ा (सरगुजा) से भी सिर्फ स्पष्टीकरण मांगा गया है।

 

कवर्धा में नया खेल: बैगा आदिवासियों पर ढा रहे जुल्म

 

शराब दुकानों में चल रही इस लूट-खसोट के बीच कवर्धा से एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। यहां आबकारी विभाग के अधिकारी विशेष संरक्षित बैगा आदिवासियों को अपना आसान 'टारगेट' बना रहे हैं।

छत्तीसगढ़ आदिवासी विकास परिषद ने आबकारी आयुक्त से लिखित शिकायत कर बताया है कि एसआई रायजादा और एसआई गीता ग्रामीणों को झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी देते हैं। जेल भेजने का डर दिखाकर इन गरीब ग्रामीणों से 10 से 25 हजार रुपए तक की अवैध वसूली नियमित तौर पर की जा रही है। परिषद ने शिकायत पत्र के साथ प्रताड़ित किए गए बैगा आदिवासियों की पूरी लिस्ट भी विभाग को सौंप दी है।