सिमगा: भाटापारा विधायक इंद्र साव मंगलवार शाम अचानक सिमगा थाना परिसर में धरने पर बैठ गए। वजह थी, चंदियापथरा गांव से जुड़े दो शिकायतों में लंबे समय से कार्रवाई नहीं होना। विधायक अपने साथ शिकायतकर्ताओं के परिवार, ग्रामीणों और साहू समाज के लोगों को लेकर थाने पहुंचे थे। पुलिस अधिकारियों से बातचीत के बाद भी जब तत्काल कार्रवाई का भरोसा नहीं मिला, तो उन्होंने थाना परिसर में ही आंदोलन शुरू कर दिया है। विधायक का कहना है कि शिकायतें कई महीने पुरानी हैं, लेकिन अब तक FIR दर्ज नहीं की गई है। उन्होंने साफ कर दिया कि केवल आश्वासन से बात नहीं बनेगी और कार्रवाई होने तक वह धरना जारी रखेंगे।

एक शिकायत में घर में घुसकर मारपीट का आरोप
चंदियापथरा निवासी रीना साहू ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि 22 अप्रैल की रात धनराज गिधौड़े और ईश्वर गिधौड़े कथित तौर पर फावड़ा लेकर उनके घर पहुंचे। शिकायत के मुताबिक दोनों ने गाली-गलौज और मारपीट की तथा महिला के साथ अभद्रता करने का प्रयास किया। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, जिसके बाद स्थिति नियंत्रित हुई। पीड़ित पक्ष का कहना है कि घटना के बाद थाने में शिकायत दी गई थी, लेकिन लंबे समय बाद भी FIR दर्ज नहीं होने से उन्हें न्याय के लिए विधायक का सहारा लेना पड़ा।

दूसरी शिकायत में लंबे समय से धमकी का दावा
दूसरा विवाद भी चंदियापथरा निवासी हीरालाल साहू की शिकायत से जुड़ा है। शिकायतकर्ता ने गांव के ओम सेठिया पर कथित तौर पर सामाजिक बहिष्कार और जान से मरवाने की धमकी देने का आरोप लगाया है। हीरालाल का दावा है कि परिवार पिछले करीब एक दशक से इस तरह की परेशानियों का सामना कर रहा है। शिकायत में सरकारी जमीन को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार गांव में करीब 70 एकड़ सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे का मामला है, जिसमें खेल मैदान, चारागाह और सीलिंग भूमि शामिल होने का दावा किया गया है। इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

पुलिस ने मांगा वक्त, विधायक बोले- कार्रवाई चाहिए
मंगलवार को विधायक ने थाना प्रभारी धीरेंद्र दुबे से दोनों शिकायतों की स्थिति पर सवाल किए। बातचीत के दौरान SDOP तारेस साहू भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने कार्रवाई के लिए पांच दिन का समय मांगा। हालांकि विधायक तत्काल धरना समाप्त करने को तैयार नहीं हुए। उनका कहना था कि मामला किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ राजनीतिक प्रदर्शन नहीं, बल्कि शिकायतकर्ताओं को न्याय दिलाने से जुड़ा है।

देर रात तक थाना परिसर में जुटे रहे समर्थक
विधायक के धरने की खबर फैलने के बाद बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, ग्रामीण और साहू समाज के लोग थाना परिसर में पहुंच गए। रात करीब 8 बजे तक धरना जारी रहा और पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों के साथ बातचीत का दौर चलता रहा। वहीं थाना प्रभारी धीरेंद्र दुबे का कहना है कि दोनों मामलों की जांच उच्च अधिकारियों द्वारा की जा रही है। उनके मुताबिक, फिलहाल उनके स्तर पर FIR दर्ज करने की स्थिति नहीं है। अब पुलिस जांच के आधार पर आगे क्या कदम उठाती है, इस पर सभी की नजर है।