
नई दिल्ली: दिल्ली में इस साल H1N1 संक्रमण की रफ्तार ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। राजधानी में स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या 3,200 का आंकड़ा पार कर चुकी है। स्वास्थ्य विभाग के 31 अगस्त तक के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में कुल 3,218 H1N1 संक्रमित सामने आए हैं। इस साल का आंकड़ा 2024 में दर्ज किए गए पूरे साल के 3,151 मामलों से भी ज्यादा हो गया है। हालांकि, अभी यह संख्या 2019 के रिकॉर्ड से नीचे है। वर्ष 2019 में दिल्ली में 3,627 H1N1 मामले सामने आए थे। इस लिहाज से 2026 में अब तक संक्रमण का स्तर 2019 के बाद सबसे ज्यादा दर्ज किया गया है। राहत की बात यह है कि सरकारी आंकड़ों में इस साल अब तक H1N1 से किसी मौत की पुष्टि नहीं हुई है।
अगस्त के आखिरी दिनों में तेजी से बढ़े केस
दिल्ली में संक्रमण के आंकड़ों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। 29 अगस्त को एक ही दिन में 199 नए मरीज सामने आए, जिसके बाद राजधानी में संक्रमितों की संख्या 3,006 हो गई थी। इसके अगले दिन 30 अगस्त को 48 और 31 अगस्त को 164 नए मामले दर्ज किए गए। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 31 अगस्त तक दिल्ली के 3,218 मरीजों के अलावा बाहर से आकर राजधानी के अस्पतालों में इलाज करा रहे मरीजों को मिलाकर H1N1 मामलों की कुल संख्या 3,828 बताई गई है।
2019 के बाद सबसे ज्यादा मामले
H1N1 संक्रमण के पिछले कुछ वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो 2019 में दिल्ली में 3,627 मामले और 31 मौतें दर्ज हुई थीं। इसके बाद मामलों में काफी कमी आई। 2020 में 412, 2021 में 92, 2022 में 442 और 2023 में 209 मामले सामने आए। 2024 में संक्रमण ने फिर रफ्तार पकड़ी और 3,151 मामले दर्ज किए गए। 2025 में यह संख्या घटकर 229 रह गई थी। अब 2026 में अगस्त खत्म होने से पहले ही मामले 3,218 तक पहुंच चुके हैं।
अस्पतालों को तैयार रहने के निर्देश
बढ़ते संक्रमण को देखते हुए दिल्ली सरकार ने अस्पतालों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। अस्पतालों में आइसोलेशन व्यवस्था, H1N1 की जांच, जरूरी दवाओं और इमरजेंसी सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज सिंह अस्पतालों की तैयारियों की समीक्षा भी कर चुके हैं। केंद्र स्तर पर भी संक्रमण की निगरानी, टेस्टिंग और अस्पतालों की तैयारियों को मजबूत रखने पर जोर दिया जा रहा है।
किन लोगों को ज्यादा सावधानी की जरूरत?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक H1N1 कोई नया वायरस नहीं है, लेकिन कुछ लोगों में संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है। खासतौर पर छोटे बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं, कमजोर इम्युनिटी वाले लोग और पहले से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। तेज बुखार, सांस लेने में दिक्कत, लगातार खांसी या हालत बिगड़ने जैसे लक्षण दिखाई देने पर खुद से दवा लेने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। राजधानी में बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की निगरानी अब और महत्वपूर्ण हो गई है।