
बिलासपुर : पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से जुड़े मामले में मंगलवार को छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में होने वाली सुनवाई नहीं हो सकी। जस्टिस नरेंद्र कुमार व्यास की सिंगल बेंच में मामला सुनवाई के लिए नियत था, लेकिन शाम तक नंबर नहीं आने के कारण प्रकरण पर सुनवाई नहीं हो पाई। अब हाई कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 25 सितंबर 2026 की तारीख तय की है। मामले में सीबीआई की ओर से केंद्र सरकार के अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एवं वरिष्ठ अधिवक्ता एस वी राजू दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े थे। उनके साथ अधिवक्ता वैभव गोवर्धन भी मौजूद रहे। सीबीआई की ओर से मामले को विशेष रूप से जल्द सुनवाई के लिए लेने का आग्रह किया गया था।
निचली अदालत से बरी, सेशन कोर्ट ने पलटा फैसला
मामला इसलिए भी अहम है क्योंकि रायपुर की सीबीआई कोर्ट ने भूपेश बघेल, उनके तत्कालीन राजनीतिक सलाहकार विनोद वर्मा, भाजपा नेता कैलाश मुरारका समेत दो अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त आधार माना है। इससे पहले निचली अदालत ने भूपेश बघेल को इस मामले में बरी कर दिया था। बाद में सेशन कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को खारिज कर दिया। इसके बाद भूपेश बघेल ने सेशन कोर्ट के आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी। वहीं, उनके राजनीतिक सलाहकार रहे विनोद वर्मा और भाजपा नेता कैलाश मुरारका ने भी अपने खिलाफ लगाए गए आरोप तय करने संबंधी आदेश को अलग-अलग याचिकाओं के जरिए हाई कोर्ट में चुनौती दी है।
बघेल को मिली अंतरिम राहत, अन्य याचिकाओं पर नहीं
मामले की शुरुआती सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने विनोद वर्मा और कैलाश मुरारका को कोई अंतरिम राहत नहीं दी थी। हालांकि, भूपेश बघेल से जुड़े प्रकरण में आगे की कार्यवाही पर हाई कोर्ट ने रोक लगा दी थी। इसी मामले में अब अगली सुनवाई 25 सितंबर को होनी है।
15 सितंबर की तारीख की मांग, 25 सितंबर पर बनी सहमति
बुधवार को सुनवाई के लिए सीबीआई की ओर से एस वी राजू ने मामले को विशेष रूप से लिए जाने का अनुरोध किया। उन्होंने शुरुआत में 15 सितंबर की तारीख देने का आग्रह किया। इस पर विनोद वर्मा की ओर से अधिवक्ता सुदीप श्रीवास्तव और श्रिया गुप्ता तथा भूपेश बघेल की ओर से अधिवक्ता हर्ष परगनिया ने सुनवाई की तारीख करीब एक सप्ताह आगे रखने का अनुरोध किया। दोनों पक्षों की दलीलों को देखते हुए हाई कोर्ट ने अब 25 सितंबर को अगली सुनवाई तय की है।