
आज के स्मार्टफोन में शानदार डिस्प्ले, कैमरा और ढेरों स्मार्ट फीचर्स मिलते हैं, लेकिन ज्यादा फीचर्स का इस्तेमाल बैटरी पर भी असर डाल सकता है। कई बार फोन सुबह 100% चार्ज करने के कुछ ही घंटों बाद तेजी से डिस्चार्ज होने लगता है। इसकी वजह हमेशा बैटरी खराब होना नहीं होती। स्क्रीन ब्राइटनेस, बैकग्राउंड में चल रहे ऐप्स, लोकेशन और लगातार मिलने वाले नोटिफिकेशन जैसी चीजें भी पावर की खपत बढ़ा सकती हैं।
अगर आपके फोन की बैटरी भी सामान्य इस्तेमाल में उम्मीद से ज्यादा तेजी से खत्म हो रही है, तो कुछ सेटिंग्स की जांच करना फायदेमंद हो सकता है। हालांकि, हर फोन में सेटिंग्स के नाम और विकल्प अलग हो सकते हैं।
सबसे पहले चेक करें स्क्रीन ब्राइटनेस
स्मार्टफोन की स्क्रीन बैटरी खर्च करने वाले प्रमुख हिस्सों में से एक है। बहुत ज्यादा ब्राइटनेस पर लंबे समय तक फोन इस्तेमाल करने से बैटरी तेजी से कम हो सकती है। जरूरत के हिसाब से ब्राइटनेस को कम या मध्यम स्तर पर रखें। अगर आपके फोन में Adaptive या Auto Brightness फीचर है, तो उसे अपनी जरूरत के अनुसार इस्तेमाल कर सकते हैं। हर फोन में इसे बंद करना जरूरी नहीं है।
बैकग्राउंड में चल रहे ऐप्स पर रखें नजर
कुछ ऐप्स स्क्रीन बंद होने के बाद भी बैकग्राउंड में काम करते रहते हैं। वे सिंकिंग, लोकेशन, नोटिफिकेशन या दूसरे कामों के लिए पावर इस्तेमाल कर सकते हैं। फोन की Battery Usage सेटिंग में जाकर देखें कि पिछले कुछ घंटों या दिनों में कौन-से ऐप सबसे ज्यादा बैटरी इस्तेमाल कर रहे हैं। जिन ऐप्स की जरूरत कम है, उनके लिए बैकग्राउंड गतिविधि को प्रतिबंधित किया जा सकता है। ध्यान रखें कि किसी जरूरी ऐप को जबरदस्ती बंद करने से उसके नोटिफिकेशन या दूसरी सुविधाएं प्रभावित हो सकती हैं।
जरूरत न हो तो लोकेशन और ब्लूटूथ बंद रखें
लोकेशन, ब्लूटूथ और हॉटस्पॉट जैसी कनेक्टिविटी सुविधाएं जरूरत के हिसाब से इस्तेमाल करना बेहतर है। अगर आप नेविगेशन या किसी ब्लूटूथ डिवाइस का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं, तो संबंधित फीचर को बंद रखा जा सकता है। हालांकि, केवल Wi-Fi या Bluetooth ऑन रहने से हर फोन में बहुत ज्यादा बैटरी खर्च हो, यह जरूरी नहीं है। वास्तविक खपत डिवाइस और इस्तेमाल के तरीके पर निर्भर करती है।
ज्यादा वाइब्रेशन भी कर सकता है बैटरी खर्च
कॉल और नोटिफिकेशन के साथ होने वाला वाइब्रेशन और कीबोर्ड का हैप्टिक फीडबैक भी थोड़ी बैटरी इस्तेमाल करता है। अगर आपको इसकी जरूरत नहीं है, तो Vibration और Haptic Feedback की तीव्रता कम कर सकते हैं या बंद कर सकते हैं। खासकर जब फोन लगातार नोटिफिकेशन प्राप्त करता रहता है, तब अनावश्यक वाइब्रेशन कम करने से पावर की कुछ बचत हो सकती है।
ज्यादा बैटरी खाने वाले ऐप्स पहचानें
कुछ गेम, सोशल मीडिया ऐप्स और वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म लगातार स्क्रीन, इंटरनेट और प्रोसेसर का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे ऐप्स लंबे समय तक चलने पर बैटरी तेजी से कम कर सकते हैं। अगर कोई ऐप आपकी जरूरत का नहीं है, तो उसे हटाना बेहतर विकल्प हो सकता है। वहीं जरूरी ऐप्स के लिए बैकग्राउंड एक्टिविटी या बैटरी यूसेज को प्रतिबंधित किया जा सकता है।
नोटिफिकेशन भी करें मैनेज
हर ऐप का नोटिफिकेशन जरूरी नहीं होता। लगातार स्क्रीन ऑन होना, आवाज और वाइब्रेशन बैटरी पर अतिरिक्त भार डाल सकते हैं। फोन की Notification Settings में जाकर गैर-जरूरी ऐप्स के नोटिफिकेशन बंद कर दें। इससे न केवल बैटरी की बचत हो सकती है, बल्कि बार-बार फोन देखने की आदत भी कम हो सकती है।
फिर भी बैटरी तेजी से खत्म हो तो क्या करें?
अगर सेटिंग्स बदलने के बावजूद फोन सामान्य इस्तेमाल में कुछ ही घंटों में डिस्चार्ज हो जाता है, तो Battery Health, हाल में इंस्टॉल किए गए ऐप्स और फोन के तापमान की जांच करें। पुरानी या खराब हो चुकी बैटरी भी तेजी से डिस्चार्ज होने की वजह हो सकती है।
जरूरी बात: हर स्मार्टफोन में बैटरी बचाने की सेटिंग्स अलग होती हैं। इसलिए किसी एक सेटिंग को सभी फोन के लिए बंद करना जरूरी नहीं है। सबसे पहले Battery Usage रिपोर्ट देखें और पता लगाएं कि आपके फोन में वास्तव में सबसे ज्यादा पावर कौन इस्तेमाल कर रहा है।