
संभल। उत्तर प्रदेश के संभल जिले में बुधवार सुबह गंगा एक्सप्रेसवे पर यात्रियों से भरी एक डबल डेकर स्लीपर बस अनियंत्रित होकर पलट गई। इस दर्दनाक हादसे में 20 से ज्यादा यात्रियों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। कुछ रिपोर्टों में घायलों की संख्या करीब 25 बताई गई है। घायलों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। सभी घायलों को एंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंचे और यात्रियों को बस से बाहर निकालने का काम शुरू किया।
खिरनी टोल प्लाजा और लहरावन के बीच पलटी बस
जानकारी के अनुसार, हादसा संभल जिला मुख्यालय से करीब 12 किलोमीटर दूर गंगा एक्सप्रेसवे पर खिरनी टोल प्लाजा और लहरावन के बीच हुआ। बस पंजाब के पटियाला से बिहार के दरभंगा समेत विभिन्न जिलों की ओर जा रही थी। बस में सवार अधिकांश यात्री मजदूरी करते हैं और दीपावली का त्योहार मनाने के लिए अपने घर लौट रहे थे।
बताया जा रहा है कि बस में बिहार के सुपौल, दरभंगा, पूर्णिया और सीतामढ़ी समेत कई जिलों के यात्री सवार थे। अचानक बस अनियंत्रित हुई और सड़क पर पलट गई। दुर्घटना के बाद यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। बस के शीशे टूटकर सड़क पर बिखर गए, जबकि यात्रियों के बैग और अन्य सामान एक्सप्रेसवे के किनारे फैल गए।
बस में करीब 150 यात्रियों के सवार होने की जानकारी
प्रत्यक्षदर्शियों और यात्रियों के मुताबिक, बस में करीब 150 लोग सवार थे। कुछ यात्रियों ने बस में क्षमता से अधिक लोगों को बैठाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि बस में काफी भीड़ थी और यात्रियों को बैठने में परेशानी हो रही थी।
हादसे में घायल बिहार के अररिया निवासी अखिलेश कुमार ने बताया कि बस अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई, जिससे उन्हें पैर में चोट आई। उन्होंने आशंका जताई कि चालक को गाड़ी चलाते समय नींद की झपकी आ गई थी। वहीं, कुछ अन्य यात्रियों ने चालक पर नशे में बस चलाने का आरोप लगाया है। हालांकि, चालक की स्थिति, बस में यात्रियों की वास्तविक संख्या और दुर्घटना के कारणों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
शीशा तोड़कर बस से बाहर निकले यात्री
हादसे में घायल बिहार के सुपौल जिले के गौरगंज निवासी मुकेश कुमार ने बताया कि वह पटियाला में राजमिस्त्री का काम करते हैं और दीपावली मनाने के लिए बिहार लौट रहे थे। उन्होंने बताया कि बस में काफी भीड़ थी। हादसे के दौरान वह खिड़की का शीशा तोड़कर बाहर निकले और अपनी जान बचाई। मुकेश ने घायलों की संख्या 50 से अधिक होने की आशंका भी जताई, हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस ने शुरू किया राहत एवं बचाव कार्य
घटना की सूचना मिलने पर दो थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला गया। घायलों को एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजा गया। दुर्घटनाग्रस्त बस को एक्सप्रेसवे से हटाने के लिए क्रेन की मदद भी ली गई।
प्रभारी निरीक्षक राजीव कुमार मलिक के अनुसार, घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है और मौके पर राहत एवं बचाव कार्य कराया गया। फिलहाल सभी घायलों की स्थिति और दुर्घटना के वास्तविक कारणों के संबंध में विस्तृत जानकारी सामने आने का इंतजार है।
दीपावली पर अपने परिवारों के बीच पहुंचने की उम्मीद लेकर निकले यात्रियों के लिए यह सफर दर्दनाक हादसे में बदल गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि बस किस वजह से अनियंत्रित होकर पलटी और हादसे के लिए कौन-से कारण जिम्मेदार थे।


