रायपुर : बीमारी की मार के साथ इलाज के खर्च का बोझ भी उठाने वाले प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा की मंजूरी बड़ी राहत की खबर है। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने राज्य कैबिनेट के इस फैसले का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, वित्त मंत्री ओपी चौधरी और स्वास्थ्य मंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया है। फेडरेशन ने इसे कर्मचारी हित में महत्वपूर्ण निर्णय बताते हुए कहा कि इससे लाखों कर्मचारियों, अधिकारियों और उनके परिवारों को चिकित्सा सुरक्षा मिलने की उम्मीद मजबूत हुई है।

गंभीर बीमारी में पैसों की चिंता होगी कम

फेडरेशन के अनुसार गंभीर बीमारी या अचानक सामने आने वाली चिकित्सा आपात स्थिति में इलाज के लिए बड़ी रकम जुटाना कर्मचारियों और उनके परिवारों के सामने बड़ी चुनौती बन जाता है। कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू होने से उपचार के दौरान तत्काल धनराशि की व्यवस्था करने का दबाव कम होगा। इससे कर्मचारियों को आर्थिक चिंता के बजाय समय पर इलाज पर ध्यान देने में मदद मिलेगी। संगठन ने कहा कि यह फैसला केवल चिकित्सा सुविधा से जुड़ा कदम नहीं, बल्कि कर्मचारियों और उनके परिवारों को आर्थिक सुरक्षा देने की दिशा में भी अहम पहल है।

11 सूत्रीय मांगों में शामिल थी कैशलेस सुविधा

छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन लंबे समय से कर्मचारियों की 11 सूत्रीय मांगों को लेकर आवाज उठाता रहा है। कैशलेस चिकित्सा सुविधा भी इन्हीं प्रमुख मांगों में शामिल थी। फेडरेशन ने इस मांग को मंजूरी मिलने को कर्मचारी संगठनों के निरंतर प्रयासों का महत्वपूर्ण परिणाम बताया है। संगठन का कहना है कि कर्मचारियों की जायज मांगों को लेकर लगातार किए गए प्रयासों के बाद इस दिशा में सकारात्मक निर्णय सामने आया है। इससे कर्मचारी वर्ग में राहत और उम्मीद का माहौल बनेगा।

अब जल्द दिशा-निर्देश जारी होने का इंतजार

कैबिनेट की मंजूरी के बाद अब कर्मचारियों, अधिकारियों और पेंशनरों की नजर योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर है। फेडरेशन ने उम्मीद जताई है कि शासन जल्द आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करेगा, ताकि पात्र हितग्राहियों को इस सुविधा का वास्तविक लाभ मिल सके। संगठन ने यह भी अपेक्षा जताई कि योजना की प्रक्रिया सरल और व्यावहारिक रखी जाएगी, जिससे जरूरत के समय कर्मचारियों और उनके परिवारों को उपचार संबंधी लाभ प्राप्त करने में अनावश्यक परेशानी न हो। शासन का यह निर्णय कर्मचारी हितों के प्रति सकारात्मक पहल है। संगठन को उम्मीद है कि भविष्य में भी कर्मचारियों और अधिकारियों की अन्य लंबित मांगों पर गंभीरता से विचार कर उनका निराकरण किया जाएगा।