
नई दिल्ली। तमिलनाडु की राजनीति में इस वक्त सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सुपरस्टार Thalapathy Vijay मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंच पाएंगे? विधानसभा चुनाव 2026 में उनकी पार्टी Tamilaga Vettri Kazhagam ने 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरकर सभी को चौंका दिया है। लेकिन सरकार गठन से पहले अब बहुमत का गणित विजय के रास्ते की सबसे बड़ी चुनौती बन गया है।
सूत्रों के मुताबिक, गुरुवार को विजय ने तमिलनाडु के राज्यपाल R. N. Ravi से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया। हालांकि राज्यपाल ने साफ संकेत दिया है कि शपथ ग्रहण से पहले विजय को विधानसभा में बहुमत साबित करना होगा। राज्यपाल का मानना है कि राज्य में स्थिर और मजबूत सरकार सुनिश्चित करना प्राथमिकता है, इसलिए संवैधानिक प्रक्रिया का पूरी तरह पालन किया जाएगा।
234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 118 है, जबकि TVK 108 सीटों पर ही सिमटी हुई है। कांग्रेस के समर्थन के बावजूद पार्टी को अभी भी कुछ विधायकों की जरूरत है। बताया जा रहा है कि विजय ने राज्यपाल को समर्थन देने वाले विधायकों की सूची भी सौंपी है, लेकिन राजभवन अभी पूरी तरह संतुष्ट नजर नहीं आ रहा। यही वजह है कि सरकार गठन और शपथ ग्रहण को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है।
एक्टर से राजनेता बने विजय ने चुनावी राजनीति में जिस तेजी से अपनी पकड़ बनाई है, उसने तमिलनाडु की पारंपरिक राजनीति को हिला दिया है। उनकी पार्टी का प्रदर्शन राज्य की बड़ी पार्टियों के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि क्या विजय जरूरी समर्थन जुटाकर बहुमत साबित कर पाएंगे या तमिलनाडु में सियासी समीकरण फिर बदलेंगे।
राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा तेज है कि आने वाले कुछ दिनों में कई निर्दलीय और छोटे दलों के विधायक सत्ता के समीकरण बदल सकते हैं। यदि विजय बहुमत साबित करने में सफल रहते हैं, तो यह तमिलनाडु की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत मानी जाएगी, जहां फिल्मी दुनिया का एक सुपरस्टार सीधे सत्ता की कमान संभालता नजर आएगा।