युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही वेपिंग (Vaping) को अक्सर पारंपरिक सिगरेट की तुलना में कम नुकसानदायक माना जाता है। लेकिन एक नई रिसर्च ने इस धारणा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अध्ययन में दावा किया गया है कि कुछ फ्लेवर वाली ई-सिगरेट, खासकर मेन्थॉल और "आइस" फ्लेवर, दिल की धड़कनों की सामान्य लय को प्रभावित कर सकती हैं और गंभीर हृदय संबंधी समस्याओं का जोखिम बढ़ा सकती हैं।

वेपिंग में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के जरिए विशेष लिक्विड को गर्म करके उसका वाष्प (Vapor) इनहेल किया जाता है। चूंकि इसमें पारंपरिक तंबाकू का उपयोग नहीं होता, इसलिए कई लोग इसे सुरक्षित विकल्प मानते हैं। हालांकि, हालिया शोध संकेत देता है कि इसके कुछ रसायन दिल की सेहत के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकते हैं।

मेन्थॉल और आइस फ्लेवर पर उठे सवाल
स्टडी में वैज्ञानिकों ने खास तौर पर उन ई-सिगरेट फ्लेवर का विश्लेषण किया जिनमें ठंडक का एहसास देने वाले रसायनों का इस्तेमाल किया जाता है। शोध के दौरान चूहों और मानव हृदय कोशिकाओं पर इन रसायनों के प्रभाव का अध्ययन किया गया। परिणामों में पाया गया कि मेन्थॉल और सिंथेटिक कूलेंट वाले फ्लेवर दिल की धड़कनों को सामान्य तंबाकू फ्लेवर की तुलना में अधिक प्रभावित कर सकते हैं।

दिल की धड़कन की लय पर पड़ सकता है असर
शोधकर्ताओं के अनुसार, कुछ कूलिंग केमिकल्स दिल की धड़कन के बीच के अंतराल को प्रभावित कर सकते हैं। इससे हार्ट रिदम में अनियमितता (Arrhythmia) की आशंका बढ़ सकती है। जब दिल की धड़कनें बहुत तेज, बहुत धीमी या असामान्य हो जाती हैं, तो यह लंबे समय में गंभीर हृदय समस्याओं का कारण बन सकती हैं।

बढ़ सकता है कार्डियक अरेस्ट का जोखिम
वैज्ञानिकों का कहना है कि लगातार ऐसे रसायनों के संपर्क में रहने से हाई ब्लड प्रेशर, तेज धड़कन और कुछ मामलों में कार्डियक अरेस्ट जैसी गंभीर स्थितियों का खतरा बढ़ सकता है। हालांकि इस विषय पर और विस्तृत मानव अध्ययन की आवश्यकता है, लेकिन शुरुआती निष्कर्ष चिंता बढ़ाने वाले हैं।

युवाओं में तेजी से बढ़ रहा है ट्रेंड
पिछले कुछ वर्षों में वेपिंग का चलन युवाओं और किशोरों के बीच तेजी से बढ़ा है। फ्लेवर विकल्पों और आकर्षक डिजाइन की वजह से इसे अक्सर कम जोखिम वाला माना जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि इसके लंबे समय के स्वास्थ्य प्रभावों पर अभी भी शोध जारी है, इसलिए इसे पूरी तरह सुरक्षित मानना गलत हो सकता है।

कई देशों में सख्ती की तैयारी
रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ देशों में बच्चों और युवाओं को आकर्षित करने वाले फ्लेवर पर प्रतिबंध लगाने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। विशेष रूप से मेन्थॉल और कूलिंग एजेंट वाले फ्लेवर को लेकर नियामक संस्थाएं सख्त रुख अपना रही हैं।

विशेषज्ञों की सलाह
विशेषज्ञों का मानना है कि वेपिंग को सिगरेट का सुरक्षित विकल्प समझकर अपनाना जोखिम भरा हो सकता है। यदि कोई व्यक्ति धूम्रपान छोड़ना चाहता है, तो उसे डॉक्टर या विशेषज्ञ की सलाह लेकर वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित तरीकों का सहारा लेना चाहिए।

नोट: यह जानकारी हालिया शोध और उपलब्ध वैज्ञानिक निष्कर्षों पर आधारित है। किसी भी स्वास्थ्य संबंधी निर्णय से पहले विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।