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WhatsApp यूजर्स के लिए बड़ा साइबर अलर्ट सामने आया है। साइबर सिक्योरिटी कंपनी Kaspersky ने एक ऐसे मैलवेयर कैंपेन का खुलासा किया है, जिसके जरिए हैकर्स व्हाट्सऐप पर खतरनाक फाइलें भेजकर लोगों के सिस्टम को निशाना बना रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, कई देशों में यूजर्स इस साइबर हमले का शिकार हो चुके हैं और अब इसका खतरा दूसरे देशों तक भी पहुंच सकता है।
WhatsApp अकाउंट हैक कर भेजी जा रही हैं फाइलें
Kaspersky की ग्लोबल रिसर्च एंड एनालिसिस टीम (GReAT) के अनुसार, साइबर अपराधी पहले से हैक किए गए WhatsApp अकाउंट्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। इन अकाउंट्स से यूजर्स को ऐसे अटैचमेंट भेजे जा रहे हैं जो किसी परिचित व्यक्ति या बिजनेस कॉन्टैक्ट की ओर से आए हुए लगते हैं। यही वजह है कि कई लोग बिना सोचे-समझे इन फाइलों को खोल देते हैं।
फाइल खोलते ही सिस्टम में घुस जाता है मैलवेयर
रिपोर्ट के अनुसार, हमलावर VBScript आधारित खतरनाक फाइलें भेज रहे हैं। इन फाइलों के नाम बिजनेस डॉक्यूमेंट, इनवॉइस, रिपोर्ट या ऑफिस फाइलों जैसे रखे जाते हैं ताकि यूजर को किसी तरह का शक न हो। जैसे ही यूजर अटैचमेंट पर क्लिक करता है, मैलवेयर सिस्टम में इंस्टॉल होकर संवेदनशील जानकारी चुराने या डिवाइस को संक्रमित करने का काम शुरू कर देता है।
कई देशों में बढ़ा खतरा
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, मलेशिया, ब्राजील, सिंगापुर समेत कई देशों में इस मैलवेयर कैंपेन के मामले सामने आए हैं। फाइलों के नाम अंग्रेजी के अलावा पुर्तगाली, फ्रेंच और जर्मन जैसी भाषाओं में भी पाए गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के साइबर हमले अन्य देशों के यूजर्स को भी निशाना बना सकते हैं।
ऐसे बचाएं खुद को
साइबर एक्सपर्ट्स का कहना है कि WhatsApp पर किसी भी अनजान नंबर या संदिग्ध कॉन्टैक्ट से आई फाइल को बिना जांचे-परखे न खोलें। यदि कोई अटैचमेंट अचानक प्राप्त हो और उसकी जरूरत न हो, तो उसे डाउनलोड करने या क्लिक करने से बचें। साथ ही सिस्टम और एंटीवायरस सॉफ्टवेयर को हमेशा अपडेट रखें।
याद रखें ये बातें
- अनजान फाइल अटैचमेंट पर क्लिक न करें।
- संदिग्ध लिंक या डॉक्यूमेंट डाउनलोड करने से बचें।
- WhatsApp Web और Desktop का उपयोग करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतें।
- टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) जरूर चालू रखें।
- किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत रिपोर्ट करें।
साइबर अपराधी लगातार नए तरीके अपना रहे हैं। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही आपकी निजी जानकारी, बैंकिंग डाटा और पूरे सिस्टम को खतरे में डाल सकती है।