
लखनऊ: बकरीद से पहले राजधानी लखनऊ के मलिहाबाद इलाके में स्थित ऐतिहासिक राजा कंसा पासी किला एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गया है। जुमे की नमाज को लेकर बढ़ते तनाव और विरोध प्रदर्शनों की आशंका के बीच प्रशासन ने इलाके में भारी सुरक्षा बल तैनात कर दिया। पीएसी, कई थानों की पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी पूरे दिन मौके पर मौजूद रहे, जिसके बीच कड़ी निगरानी में नमाज अदा कराई गई। संवेदनशील माहौल को देखते हुए पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में बदल दिया गया था।
विवाद की जड़ किले परिसर में मौजूद प्राचीन ढांचे को लेकर है। पासी समाज और हिंदू संगठनों का दावा है कि यह स्थल कभी महादेव मंदिर और राजा कंसा पासी की ऐतिहासिक विरासत का हिस्सा था, जिसे बाद में मकबरे का रूप दे दिया गया। दूसरी ओर मुस्लिम समुदाय इसे वर्षों पुराना धार्मिक स्थल बता रहा है, जहां लंबे समय से धार्मिक गतिविधियां होती रही हैं। इसी मुद्दे को लेकर दोनों पक्षों के बीच तनातनी बढ़ती जा रही है।
पासी समाज के नेताओं ने दावा किया कि किले की दीवारों पर नाग, कलश और फूलों जैसी आकृतियां मौजूद हैं, जो हिंदू स्थापत्य शैली की पहचान मानी जाती हैं। उनका कहना है कि यह स्थल उनकी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर है, जिसे संरक्षित किया जाना चाहिए। वहीं, स्थानीय प्रशासन ने साफ किया है कि किसी भी पक्ष को कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी और शांति व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
स्थिति को देखते हुए पुलिस लगातार गश्त कर रही है और सोशल मीडिया गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की है। बकरीद और अन्य धार्मिक आयोजनों से पहले यह मामला प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है, क्योंकि किसी भी तरह की छोटी चूक इलाके का माहौल बिगाड़ सकती है।