
चंद्रपुर: Maharashtra के चंद्रपुर जिले में आज सुबह दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया है। जंगल में तेंदू पत्ता तोड़ने गई चार महिलाओं की बाघ के हमले में मौत हो गई। घटना सिंदेवाही तहसील के गुंजेवाही गांव के पास की बताई जा रही है, जहां ग्रामीण रोजी-रोटी के लिए जंगलों में तेंदू पत्ता संग्रह करने जाते हैं। अचानक हुए इस हमले के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है और ग्रामीणों ने वन विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, महिलाएं सुबह जंगल में तेंदू पत्ते इकट्ठा कर रही थीं, तभी घात लगाए बैठे बाघ ने उन पर हमला कर दिया। हमले में कावड़ाबाई मोहुर्ले, अनिताबाई मोहुर्ले, सुनीता मोहुर्ले और संगीता चौधरी की मौके पर ही मौत हो गई। शुरुआती जांच में यह साफ नहीं हो पाया है कि बाघ ने सभी महिलाओं पर एक साथ हमला किया या अलग-अलग स्थानों पर उन्हें निशाना बनाया।
घटना की खबर मिलते ही Maharashtra Forest Department की टीम मौके पर पहुंची और इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी। मुख्य वन संरक्षक आर.एम. रामानुजन ने बताया कि पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच की जा रही है और पंचनामा पूरा होने के बाद ही आधिकारिक जानकारी साझा की जाएगी। वन विभाग ने आसपास के गांवों में अलर्ट जारी कर लोगों से फिलहाल जंगल में अकेले न जाने की अपील की है।
चंद्रपुर का जंगल क्षेत्र लंबे समय से बाघों की गतिविधियों को लेकर संवेदनशील माना जाता है। पिछले कुछ वर्षों में मानव और वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं लगातार बढ़ी हैं, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। इस ताजा घटना ने एक बार फिर जंगल से लगे इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और वन विभाग की निगरानी पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।