रायपुर। राजधानी रायपुर में रिश्तों को शर्मसार करने वाला चोरी का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। ऑनलाइन जुआ खेलने की लत और कर्ज चुकाने की मजबूरी में एक युवक ने अपने ही सगे जीजा के सूने मकान को निशाना बना लिया। आरोपी ने पहले घर की रेकी की और फिर ग्राइंडर मशीन से दरवाजे का ताला तथा आलमारी का लॉकर तोड़कर सोने, चांदी और हीरे के जेवरात समेत नकदी चोरी कर ली। मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। उसकी निशानदेही पर करीब 37 लाख रुपये कीमत के 25 तोला सोने के जेवरात बरामद किए गए हैं।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी की पहचान प्रियंक उर्फ शुभम पांडेय (31) के रूप में हुई है। वह चोरी के शिकार अनिल शर्मा का सगा साला है। अनिल शर्मा कृषि विभाग में तकनीकी विशेषज्ञ हैं और वर्तमान में कोंडागांव में पदस्थ हैं। रायपुर के टिकरापारा थाना क्षेत्र अंतर्गत लक्ष्मी नगर स्थित उनके मकान में माता-पिता और बड़े भाई का परिवार रहता है।

सूने मकान को बनाया निशाना

जानकारी के अनुसार, 28 अक्टूबर को मकान की साफ-सफाई के बाद घर में ताला लगाकर उसकी चाबी अनिल शर्मा की मां सुमित्रा शर्मा को सौंप दी गई थी। इसके बाद परिवार के सदस्य वहां से चले गए थे। 30 अक्टूबर की सुबह जब मकान का निरीक्षण किया गया तो मुख्य दरवाजे का ताला टूटा हुआ मिला। घर के अंदर जाकर देखने पर आलमारी और लॉकर भी टूटे हुए थे। उसमें रखे सोने, चांदी और हीरे के आभूषणों के साथ नकदी गायब थी।

घटना की सूचना मिलने पर टिकरापारा पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 331(4) और 305 के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की।

CCTV फुटेज से खुला चोरी का राज

मामले की गंभीरता को देखते हुए एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और टिकरापारा पुलिस की संयुक्त टीम ने घटनास्थल तथा आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में एक संदिग्ध व्यक्ति मकान की दीवार फांदकर अंदर प्रवेश करता और सीढ़ियों के रास्ते तीसरी मंजिल पर जाता दिखाई दिया। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और जांच के आधार पर संदिग्ध की पहचान प्रियंक उर्फ शुभम पांडेय के रूप में की। इसके बाद उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उसने चोरी की वारदात कबूल कर ली।

बहन के घर दो दिन रुककर बनाई चोरी की योजना

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि कुछ दिन पहले वह अपनी बहन के साथ जीजा के घर दो दिन तक रुका था। इस दौरान उसे पता चला कि आलमारी में बड़ी मात्रा में सोने, चांदी और हीरे के जेवरात के साथ नकदी रखी हुई है। उसे यह भी जानकारी थी कि उसकी बहन कोंडागांव चली गई है और मकान सूना है। इसी जानकारी का फायदा उठाकर उसने चोरी की योजना तैयार की।

वारदात के दिन आरोपी दीवार फांदकर घर में दाखिल हुआ। अपने साथ लाई छोटी ग्राइंडर मशीन से उसने दरवाजे की कुंडी और ताला तोड़ा। इसके बाद आलमारी का लॉकर तोड़कर कीमती जेवरात और नकदी पार कर दी। पुलिस के अनुसार, संदेह से बचने के लिए आरोपी ने कुछ आभूषण वहीं छोड़ दिए और कपड़ों को व्यवस्थित तरीके से आलमारी में रख दिया था, ताकि चोरी का शक आसानी से उस पर न जाए।

ऑनलाइन जुए की लत में चढ़ा था कर्ज

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसे ऑनलाइन जुआ खेलने की लत थी। लगातार जुआ खेलने के कारण उस पर काफी कर्ज हो गया था। इसी कर्ज को चुकाने के लिए उसने अपने ही जीजा के घर चोरी करने का फैसला किया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी के 25 तोला सोने के जेवरात बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 37 लाख रुपये बताई गई है।

इस कार्रवाई को डीसीपी क्राइम एवं साइबर स्मृतिक रजनाला और डीसीपी पश्चिम रॉबिन्सन गुरिया की निगरानी में अंजाम दिया गया। पुलिस आरोपी के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई कर रही है। इस घटना ने एक बार फिर ऑनलाइन जुए की लत के खतरनाक परिणामों और इसके चलते परिवार तथा सामाजिक रिश्तों पर पड़ने वाले असर को उजागर किया है।