
दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में बच्चों से संबंधित यौन शोषण सामग्री इंटरनेट और सोशल मीडिया पर साझा करने तथा अपलोड करने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल की साइबर टिपलाइन से मिली सूचना के आधार पर दुर्ग पुलिस ने जिले के पांच थाना क्षेत्रों में एक साथ जांच और कार्रवाई की। पुलिस के मुताबिक, इस कार्रवाई में छह आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। वहीं, उपलब्ध जानकारी में दो नाबालिगों को भी पकड़े जाने का उल्लेख किया गया है। हालांकि, आरोपियों की कुल संख्या को लेकर पुलिस के विवरण में अंतर सामने आया है।
पुलिस के अनुसार, दुर्ग पुलिस की साइबर सेल को राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल की साइबर टिपलाइन के माध्यम से सूचना मिली थी कि जिले के अलग-अलग इलाकों में कुछ लोग इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए बच्चों से संबंधित यौन शोषण सामग्री का आदान-प्रदान कर रहे हैं। इसके अलावा कुछ व्यक्तियों द्वारा प्रतिबंधित सामग्री ऑनलाइन अपलोड किए जाने की भी जानकारी मिली थी।
साइबर टिपलाइन से मिले इनपुट पर शुरू हुई जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए एएसपी सिटी शोभराज अग्रवाल के निर्देश पर साइबर सेल और संबंधित थाना क्षेत्रों की संयुक्त टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने संदिग्ध इंटरनेट एड्रेस, मोबाइल नंबर और सोशल मीडिया अकाउंट की तकनीकी जांच शुरू की। डिजिटल गतिविधियों से जुड़े साक्ष्यों का विश्लेषण करने के बाद संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान की गई।
जांच में मिले तकनीकी इनपुट के आधार पर पुलिस ने पुरानी भिलाई, छावनी, जामुल, नेवई और बोरी थाना क्षेत्रों में कार्रवाई की। इन पांच थाना क्षेत्रों में बच्चों से संबंधित यौन शोषण सामग्री के ऑनलाइन प्रसार से जुड़े मामले सामने आए हैं। पुलिस ने संबंधित थानों में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67(बी) के तहत अपराध दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
पांच वयस्कों के नाम आए सामने, नाबालिग भी पकड़े गए
पुलिस द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, कार्रवाई में जिन वयस्क व्यक्तियों के नाम सामने आए हैं, उनमें रामनगर सुपेला निवासी पोषण लाल देवांगन, नया पारा बासिन निवासी दिनेश प्रजापति (20), कुरूद जामुल निवासी उमेश कुमार साहू (43), ग्राम ढौर जामुल निवासी मुकेश विश्वकर्मा (23) और बीआरपी कॉलोनी स्टेशन मरोदा निवासी प्रकाश दास (26) शामिल हैं।
इसके अलावा दो नाबालिगों को भी पकड़े जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस के आधिकारिक विवरण में कुल छह आरोपियों की गिरफ्तारी का उल्लेख है, जबकि उपलब्ध नामों के आधार पर पांच वयस्क और दो नाबालिग सामने आते हैं। ऐसे में आरोपियों की कुल संख्या को लेकर स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।
एएसपी बोले- बच्चों से जुड़ी सामग्री साझा करना गंभीर अपराध
एएसपी सिटी शोभराज अग्रवाल ने कहा कि बच्चों से संबंधित यौन शोषण सामग्री को इंटरनेट या सोशल मीडिया पर साझा करना, अपलोड करना और उसका आदान-प्रदान करना गंभीर अपराध है। साइबर टिपलाइन से प्राप्त सूचनाओं का तकनीकी विश्लेषण कर पुलिस आवश्यक कानूनी कार्रवाई कर रही है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह की गतिविधियों को पुलिस गंभीरता से ले रही है और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर सतर्कता जरूरी
दुर्ग पुलिस की इस कार्रवाई ने इंटरनेट और सोशल मीडिया पर बच्चों की सुरक्षा से जुड़े गंभीर मुद्दे को फिर चर्चा में ला दिया है। पुलिस ने ऐसे मामलों में सतर्क रहने की आवश्यकता पर जोर दिया है। यदि किसी व्यक्ति को बच्चों से संबंधित यौन शोषण सामग्री ऑनलाइन दिखाई देती है, तो उसे डाउनलोड या आगे साझा करने के बजाय राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत करनी चाहिए।
फिलहाल पुलिस संबंधित मामलों में डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।