रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में गुटखे के अवैध कारोबार के खिलाफ जीएसटी विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। खमतराई थाना क्षेत्र में छापेमारी कर अधिकारियों की टीम ने करीब 2 करोड़ रुपये का गुटखा जब्त किया है। मुखबिर से मिली गोपनीय और सटीक सूचना के आधार पर जीएसटी विभाग की टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में अवैध गुटखे का स्टॉक बरामद हुआ। फिलहाल विभागीय अधिकारी इस पूरे मामले की जांच में जुटे हुए हैं और जब्त किए गए माल से संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल कर रहे हैं।

इस कार्रवाई के बाद रायपुर में गुटखे के अवैध कारोबार और इसके पीछे सक्रिय नेटवर्क को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि जब्त गुटखा कहां से लाया गया था, इसका भंडारण किस उद्देश्य से किया गया था और इसके कारोबार से कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं। हालांकि, इस मामले में विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।

शदाणी दरबार मार्केट के गोदाम में भी हुई थी छापेमारी

गौरतलब है कि सितंबर महीने में भी डायरेक्टरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस (DGGI) की टीम ने रायपुर में बड़ी कार्रवाई की थी। उस दौरान तीन गाड़ियों में सवार होकर पहुंचे अधिकारियों ने शदाणी दरबार मार्केट स्थित एक गोदाम में छापेमारी की थी। बताया गया था कि अधिकारियों को महाराष्ट्र से इस संबंध में महत्वपूर्ण इनपुट मिले थे।

गोदाम की तलाशी के दौरान टीम को 'सितार' ब्रांड के 50 से अधिक बोरे गुटखा मिले थे। इसके बाद अधिकारियों ने बरामद स्टॉक और उससे जुड़े वित्तीय दस्तावेजों की जांच शुरू की थी। गोदाम मालिक सहित अन्य संबंधित लोगों को मौके पर बुलाकर पूछताछ भी की गई थी। कार्रवाई की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग कराई गई थी।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, सितंबर में हुई कार्रवाई के दौरान गोदाम के तार गुटखा कारोबारी बंटी से जुड़े होने की जानकारी सामने आई थी। जांच में दुर्ग जिले में उसके एक व्यापारिक साझेदार की मौजूदगी का भी पता चला था।

महाराष्ट्र की फैक्टरी से कई राज्यों में सप्लाई का खुलासा

जांच के दौरान अधिकारियों को जानकारी मिली थी कि महाराष्ट्र के कल्याण शहर के पास स्थित एक फैक्टरी में गुटखे का निर्माण कराया जाता था। इसके बाद कथित तौर पर इसकी आपूर्ति छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, मुंबई और उत्तर प्रदेश सहित देश के कई राज्यों में की जाती थी।

इस जानकारी के सामने आने के बाद गुटखे के अंतरराज्यीय कारोबार और सप्लाई नेटवर्क की जांच महत्वपूर्ण हो गई थी। अधिकारियों की पड़ताल का उद्देश्य इस कारोबार से जुड़े लोगों, निर्माण स्थल और वितरण व्यवस्था की कड़ियों को जोड़ना था।

कुम्हारी में पकड़ी गई थी अवैध गुटखा फैक्टरी

रायपुर में कार्रवाई से पहले दुर्ग जिले के कुम्हारी क्षेत्र में भी सेंट्रल जीएसटी इंटेलिजेंस की टीम ने एक गुटखा फैक्टरी पर छापा मारा था। कुम्हारी के स्टेशन चौक इलाके में स्थित इस फैक्टरी में कथित तौर पर 'सितार' ब्रांड का गुटखा अवैध रूप से तैयार किया जा रहा था।

छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने गुटखा बनाने वाली दो मशीनें और करीब 30 बोरे तैयार गुटखा जब्त किए थे। इस कार्रवाई ने भी क्षेत्र में सक्रिय अवैध गुटखा निर्माण और वितरण की गतिविधियों को उजागर किया था।

लगातार सामने आ रही इन कार्रवाइयों से स्पष्ट है कि जीएसटी और खुफिया विभाग की टीमें गुटखे के अवैध कारोबार पर शिकंजा कसने में जुटी हैं। अब रायपुर के खमतराई में करीब 2 करोड़ रुपये के गुटखे की जब्ती के बाद जांच का दायरा और बढ़ सकता है। विभागीय जांच में यह पता चलना महत्वपूर्ण होगा कि इस ताजा खेप का संबंध पहले पकड़े गए नेटवर्क से है या इसके पीछे कोई अलग कारोबारी गिरोह सक्रिय है।