बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित Ram Avtar Jaggi Murder Case में बड़ा मोड़ आया है। Chhattisgarh High Court ने दो दशक पुराने इस मामले में ट्रायल कोर्ट के फैसले को पलटते हुए अमित जोगी को दोषी करार दिया है। अदालत ने उन्हें हत्या और आपराधिक साजिश के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई है, जिससे राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।

खंडपीठ, जिसकी अगुवाई Ramesh Sinha और Arvind Kumar Verma कर रहे थे, ने सीबीआई की अपील को स्वीकार करते हुए कहा कि पहले दिए गए फैसले में गंभीर कानूनी विसंगतियां थीं। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जब अन्य आरोपियों को समान साक्ष्यों के आधार पर दोषी ठहराया गया, तो मुख्य आरोपी को बरी करना न्यायसंगत नहीं था।

यह मामला 4 जून 2003 को एनसीपी नेता Ram Avtar Jaggi की गोली मारकर हत्या से जुड़ा है। प्रारंभिक सुनवाई में कई आरोपियों को सजा मिली थी, लेकिन 2007 में ट्रायल कोर्ट ने अमित जोगी को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया था। बाद में पीड़ित पक्ष की अपील और सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद मामला फिर से हाईकोर्ट में सुना गया।

ताजा फैसले में अदालत ने अमित जोगी को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 और 120-बी के तहत दोषी ठहराते हुए उम्रकैद और जुर्माने की सजा सुनाई है। इस निर्णय को न्यायिक प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है, जो लंबे समय से लंबित इस मामले में जवाबदेही और न्याय की दिशा में बड़ा कदम है।