
नई दिल्ली: दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर एयर इंडिया एक्सप्रेस की एक फ्लाइट में यात्रियों को उस समय भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, जब विमान का एयर-कंडीशनिंग सिस्टम तकनीकी खराबी के कारण अचानक ठप हो गया। दिल्ली से पुणे जाने वाली उड़ान संख्या IX-1230 में सवार यात्रियों ने आरोप लगाया कि उन्हें घंटों तक दमघोंटू गर्मी और उमस के बीच विमान के अंदर बैठाए रखा गया। इस घटना ने एयरलाइन की व्यवस्थाओं और यात्री सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के मुताबिक, फ्लाइट को सुबह 4:40 बजे उड़ान भरनी थी और यात्रियों की बोर्डिंग निर्धारित समय से पहले ही पूरी करा दी गई थी। लेकिन टेक्निकल फॉल्ट सामने आने के बाद विमान रनवे पर ही खड़ा रहा। यात्रियों का कहना है कि एयरक्राफ्ट का एसी बार-बार बंद और चालू हो रहा था, जिससे केबिन का तापमान लगातार बढ़ता गया। कई यात्रियों ने सोशल मीडिया पर अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि विमान के अंदर हालात किसी “भट्टी” से कम नहीं थे और लंबे समय तक बैठना बेहद मुश्किल हो गया था।
कुछ यात्रियों ने एयरलाइन पर सूचना छिपाने और सही अपडेट नहीं देने का आरोप भी लगाया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर यात्रियों ने लिखा कि घुटन भरे माहौल में सांस लेना तक मुश्किल हो गया था, जबकि फ्लाइट स्टाफ की ओर से देरी और तकनीकी समस्या को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही थी। यात्रियों का कहना है कि बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ी। करीब तीन घंटे की देरी के बाद आखिरकार विमान ने सुबह 7:45 बजे के बाद उड़ान भरी।
विवाद बढ़ने के बाद एयर इंडिया एक्सप्रेस ने बयान जारी कर घटना पर खेद जताया है। एयरलाइन के अनुसार, बोर्डिंग के बाद तकनीकी खराबी का पता चला था, जिसे इंजीनियरिंग टीम ने ठीक किया। कंपनी ने दावा किया कि यात्रियों की सुविधा के लिए ग्राउंड-बेस्ड एसी की व्यवस्था भी की गई थी। हालांकि, यात्रियों का कहना है कि यह इंतजाम बेहद अपर्याप्त था और एयरलाइन को ऐसी लापरवाही के लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।