
रायपुर। आम उपभोक्ताओं के बकाया बिजली बिल पर कार्रवाई करने वाली बिजली कंपनी अब सरकारी विभागों के खिलाफ भी सख्त रुख अपनाने जा रही है। छत्तीसगढ़ राज्य पॉवर कंपनी ने पहली बार बकाया बिजली बिल जमा नहीं करने वाले सरकारी कार्यालयों के कनेक्शन काटने की तैयारी शुरू कर दी है। प्रदेश के अलग-अलग बिजली संभागों में ऐसे सरकारी कनेक्शनों की सूची तैयार की जा रही है, जिनकी बिजली काटे जाने से आम लोगों की जरूरी सेवाएं प्रभावित न हों। इसी अभियान के तहत रायपुर में 441 सरकारी कनेक्शनों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं, जबकि धमतरी में रजिस्ट्री कार्यालय का बिजली कनेक्शन काटे जाने की कार्रवाई भी सामने आई है।
हर सरकारी कनेक्शन पर नहीं होगी कार्रवाई
पॉवर कंपनी ने उन सरकारी संस्थानों को अभियान से बाहर रखा है, जिनका सीधा संबंध आम जनता की रोजमर्रा की जरूरतों से है। पानी की सप्लाई करने वाले पंप हाउस, स्ट्रीट लाइट, अस्पताल, स्कूल, पुलिस थाने और ट्रैफिक सिग्नल जैसे कनेक्शनों को नहीं काटा जाएगा। कंपनी का फोकस ऐसे सरकारी कार्यालयों पर है, जहां बिजली काटने से तत्काल जनसेवा प्रभावित होने की आशंका कम है। अधिकारियों के मुताबिक, कार्रवाई से पहले विभागवार स्थिति का आकलन किया जा रहा है।
रायपुर में 441 सरकारी कनेक्शन रडार पर
राजधानी में सरकारी विभागों और संस्थानों के 3 हजार से ज्यादा बिजली कनेक्शन हैं। इनमें से 441 कनेक्शनों को बकाया भुगतान के लिए नोटिस जारी किया गया है। रायपुर सर्किल-1 में 322 और सर्किल-2 में 119 सरकारी कनेक्शन इस सूची में शामिल हैं। कंपनी का कहना है कि नोटिस के बावजूद यदि संबंधित विभाग बकाया बिल का भुगतान नहीं करते हैं, तो चरणबद्ध तरीके से बिजली कनेक्शन काटने की कार्रवाई की जाएगी।
सालों से बढ़ रहा सरकारी विभागों का बिजली बिल
सरकारी विभागों पर बिजली बिल का बकाया लगातार बढ़ता जा रहा है। मार्च 2025 में सरकारी विभागों पर करीब 2,444.91 करोड़ रुपये बकाया था, जो मार्च 2026 तक बढ़कर 2,883.42 करोड़ रुपये हो गया। इसके बाद नए वित्तीय वर्ष में भी बकाया बढ़ता गया और अब कुल राशि करीब 3,500 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में सरकारी विभागों ने करीब 1,252 करोड़ रुपये की बिजली खपत की, लेकिन इसके मुकाबले सिर्फ 814 करोड़ रुपये का भुगतान हुआ। यानी करीब 438 करोड़ रुपये का भुगतान बाकी रह गया। इसी तरह पुराने बकाये के साथ नई राशि जुड़ने से सरकारी विभागों पर बिजली बिल का बोझ लगातार बढ़ रहा है।
अब सरकारी दफ्तरों को भी नहीं मिलेगी स्थायी छूट
अब तक सरकारी विभागों के बकाया बिल के मामलों में बिजली कनेक्शन काटने जैसी कार्रवाई सामान्य तौर पर देखने को नहीं मिलती थी। पॉवर कंपनी को बकाया राशि की वसूली के लिए सरकार से बजट उपलब्ध कराने का आग्रह करना पड़ता था। लेकिन इस बार कंपनी ने बकायेदार सरकारी विभागों को सीधे कार्रवाई के दायरे में लाने का फैसला किया है।
वितरण कंपनी के एमडी भीम सिंह कंवर के मुताबिक, जिन सरकारी विभागों पर बिजली बिल बकाया है, उनके कनेक्शन काटे जाएंगे। हालांकि, ऐसे विभागों को फिलहाल राहत दी जाएगी, जिनकी बिजली बंद होने से आम जनता को सीधे परेशानी हो सकती है। यानी अब सरकारी दफ्तरों के लिए भी बिजली बिल समय पर जमा करना जरूरी होगा, वरना नोटिस के बाद कनेक्शन कटने की कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
