
Swatantra Bhardwaj News: यूट्यूबर और हिंदुत्ववादी इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी के बाद मामला अब अदालत तक पहुंच गया है। नीशू आजाद के पिता के साथ कथित मारपीट से जुड़े मामले में गिरफ्तार भारद्वाज को निचली अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। वहीं, उनकी ओर से हाईकोर्ट में दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर तत्काल राहत नहीं मिल सकी। मामले में अदालत के अगले कदम पर अब सभी की नजर है।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई पेशी
मामले में स्वतंत्र भारद्वाज को एडिशनल सेशंस जज सौरभ प्रताप सिंह की अदालत में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश किया गया। सुनवाई के बाद अदालत ने उन्हें 14 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। इससे पहले रविवार को उन्हें ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष ऑनलाइन पेश किया गया था, जहां से उन्हें एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। बताया जा रहा है कि भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से गिरफ्तार किया गया था। यह कार्रवाई नीशू आजाद के पिता के साथ कथित मारपीट के पुराने मामले के दोबारा चर्चा में आने के बाद हुई।
हाईकोर्ट में दाखिल की गई बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका
निचली अदालत की कार्यवाही के बीच स्वतंत्र भारद्वाज की ओर से सोमवार को हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दाखिल की गई। याचिका पर तत्काल सुनवाई का अनुरोध किया गया था। चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की पीठ के समक्ष उनके वकील उमेश शर्मा ने जल्द सुनवाई की मांग रखी।
वकील की ओर से अदालत में कहा गया कि भारद्वाज पिछले कुछ दिनों से हिरासत में हैं और याचिका पर उसी दिन सुनवाई की जाए। अदालत ने मामले को तत्काल सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने की अनुमति दी, लेकिन हाईकोर्ट में सुनवाई से पहले ही निचली अदालत से भारद्वाज को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
किस मामले ने फिर पकड़ा तूल?
मामला एक कथित मारपीट की घटना से जुड़ा है, जिसका संदर्भ बाद में भारद्वाज के एक इंटरव्यू के कारण फिर सामने आया। रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने एक यूट्यूब इंटरव्यू में कथित तौर पर एक व्यक्ति के साथ हुई मारपीट का जिक्र किया था और दावा किया था कि घटना में उसे चोट लगी थी। इस बयान के सामने आने के बाद राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर विवाद बढ़ा। इसके बाद विपक्षी दलों और संबंधित संगठनों की ओर से पुलिस कार्रवाई की मांग की गई। पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय कानूनों के साथ-साथ SC/ST Act और POCSO Act के तहत भी कार्रवाई की है।
भारद्वाज के बयान के बाद बढ़ा विवाद
स्वतंत्र भारद्वाज ने कथित इंटरव्यू में मारपीट की घटना का जिक्र करते हुए गंभीर चोट पहुंचाने का दावा किया था। उनके बयान का वीडियो सामने आने के बाद मामला दोबारा चर्चा में आया। इसके बाद पुलिस पर कार्रवाई का दबाव बढ़ने की बात सामने आई और भारद्वाज की गिरफ्तारी की गई। फिलहाल, मामला न्यायिक प्रक्रिया में है। गिरफ्तारी, धाराओं और कथित मारपीट से जुड़े सभी आरोपों पर अंतिम स्थिति अदालत के फैसले के बाद ही स्पष्ट होगी।