रायपुर : छत्तीसगढ़ की राजनीति से एक दुखद खबर सामने आई है। अहिवारा विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक डोमन लाल कोर्सेवाड़ा का 78 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमारी से जूझ रहे थे और हैदराबाद के अस्पताल में उनका उपचार चल रहा था। उनके निधन की खबर से राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे पार्टी और समाज के लिए अपूरणीय क्षति बताया है। गौरतलब है कि महज दो दिन पहले ही प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने अस्पताल पहुंचकर उनसे मुलाकात की थी और स्वास्थ्य की जानकारी ली थी।

शिक्षक से विधायक, जनता के बीच बनाई पहचान

डोमन लाल कोर्सेवाड़ा का राजनीतिक सफर संघर्ष, संगठन के प्रति निष्ठा और सामाजिक सक्रियता की मिसाल रहा। अहिवारा विधानसभा क्षेत्र के अस्तित्व में आने के बाद वे यहां के पहले विधायक निर्वाचित हुए थे। वर्ष 2008 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने पहली बार भाजपा के टिकट पर जीत दर्ज की। इसके बाद वे दो बार अहिवारा से विधायक चुने गए। वर्ष 2013 और 2018 में टिकट नहीं मिलने के बावजूद उन्होंने पार्टी का साथ नहीं छोड़ा और भाजपा के प्रति अपनी निष्ठा बनाए रखी।

1972 में शिक्षक बने, 1998 में व्याख्याता पद से हुए सेवानिवृत्त

12 अगस्त 1948 को बालोद जिले के गुंडरदेही विकासखंड के ग्राम भेंडरा में जन्मे डोमन लाल कोर्सेवाड़ा ने एमए (राजनीति विज्ञान) के बाद बीएड की पढ़ाई की थी। उन्होंने वर्ष 1972 में गुंडरदेही ब्लॉक की प्राथमिक शाला साजा से सहायक शिक्षक के रूप में अपने करियर की शुरुआत की। वर्ष 1987 में उच्च श्रेणी शिक्षक बने और 1998 में व्याख्याता पद से सेवानिवृत्त हुए। शिक्षा के क्षेत्र में लंबी सेवा देने के बाद उन्होंने सार्वजनिक जीवन और राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई।

राजनीति के साथ सामाजिक क्षेत्र में भी रहे सक्रिय

कोर्सेवाड़ा का जुड़ाव केवल राजनीति तक सीमित नहीं था। वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, दुर्ग के उपाध्यक्ष रहे। इसके अलावा दुर्ग जिला सतनामी कल्याण संघ के महामंत्री, गिरौदपुरी मेला समिति के सदस्य, गुरु घासीदास मंदिर समिति चौरेल के अध्यक्ष और छत्तीसगढ़ पंथी नृत्य अकादमी के संरक्षक के रूप में भी उन्होंने जिम्मेदारियां निभाई। वे मोतीकला साहित्य विकास समिति के संचालक और अनुसूचित जाति, जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग से जुड़े विधिक सहायता प्रकोष्ठ के अध्यक्ष भी रहे। वर्ष 1999 में दुर्ग लोकसभा सांसद के निजी सहायक के रूप में भी उन्होंने कार्य किया।

राष्ट्रपति डॉ कलाम के हाथों मिला था गुरु घासीदास सम्मान

सामाजिक चेतना और सामाजिक न्याय के क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए छत्तीसगढ़ शासन ने वर्ष 2006 में उन्हें गुरु घासीदास सम्मान से सम्मानित किया था। तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के हाथों उन्हें यह सम्मान प्राप्त हुआ था। सतनामी समाज में उनके योगदान और सक्रियता के लिए उन्हें राजमहंत पद से भी नवाजा गया था।

परिवार में पत्नी, एक पुत्र और दो पुत्रियां

डोमन लाल कोर्सेवाड़ा का विवाह 4 मई 1970 को कमला कोर्सेवाड़ा से हुआ था। उनके परिवार में पत्नी के अलावा एक पुत्र और दो पुत्रियां हैं। उनके पार्थिव शरीर को शनिवार को उनके गृह क्षेत्र अहिवारा लाए जाने की जानकारी दी गई है। उनके निधन से भाजपा ने एक अनुभवी जनप्रतिनिधि और सतनामी समाज ने सामाजिक गतिविधियों से जुड़े एक सक्रिय व्यक्तित्व को खो दिया है।