रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में त्योहारों के दौरान बाजारों में बढ़ने वाली भीड़ और यातायात जाम की समस्या से निपटने के लिए पुलिस ने तैयारी तेज कर दी है। अब बाजारों में यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के लिए पुलिस व्यापारिक संगठनों और चैंबर ऑफ कॉमर्स का सहयोग लेगी। इसके लिए ट्रैफिक वार्डन व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही बाजारों और संवेदनशील इलाकों में पुलिस की गश्त बढ़ाने तथा चोरी, उठाईगिरी और असामाजिक गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए चेकिंग तेज करने को कहा गया है।

रायपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IG) अमरेश कुमार मिश्रा ने शुक्रवार को आयोजित रेंज स्तरीय अपराध समीक्षा एवं समन्वय बैठक में अधिकारियों को ये निर्देश दिए। बैठक में रेंज के सभी जिलों के पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, CSP, DSP और रक्षित निरीक्षक शामिल हुए। बैठक में त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने, यातायात प्रबंधन और अपराध नियंत्रण को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।

व्यापारियों के सहयोग से बनेगी ट्रैफिक वार्डन व्यवस्था

त्योहारों के दौरान बाजारों में खरीदारी करने वालों की संख्या बढ़ जाती है। इसके कारण प्रमुख सड़कों, बाजारों और चौराहों पर वाहनों का दबाव बढ़ने से जाम की स्थिति बनती है। इस समस्या को दूर करने के लिए IG ने व्यापारिक संगठनों और चैंबर ऑफ कॉमर्स के साथ बेहतर समन्वय बनाने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि व्यापारियों के सहयोग से ट्रैफिक वार्डन व्यवस्था विकसित की जाए, जिससे बाजारों में यातायात को व्यवस्थित रखा जा सके। इसके अलावा प्रमुख सड़कों और चौराहों पर लगे CCTV कैमरों का प्रभावी इस्तेमाल करने पर भी जोर दिया गया। इससे यातायात व्यवस्था की निगरानी के साथ संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने में मदद मिलेगी।

बाजारों में बढ़ेगी पुलिस की गश्त, चोरी-उठाईगिरी पर नजर

त्योहारों के समय बाजारों में भीड़ का फायदा उठाकर असामाजिक तत्व चोरी और उठाईगिरी जैसी घटनाओं को अंजाम दे सकते हैं। इसे देखते हुए IG ने पुलिस अधिकारियों को बाजारों, भीड़भाड़ वाले स्थानों और संवेदनशील इलाकों में नियमित पेट्रोलिंग करने के निर्देश दिए।

इसके साथ ही संदिग्ध व्यक्तियों और गतिविधियों पर नजर रखने के लिए प्रभावी चेकिंग अभियान चलाने को कहा गया। पुलिस को निर्देशित किया गया कि त्योहारों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए और आम नागरिकों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराया जाए।

थानों के कामकाज की होगी नियमित समीक्षा

अपराध समीक्षा बैठक में थानों की कार्यप्रणाली और पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही पर भी चर्चा हुई। IG अमरेश कुमार मिश्रा ने थाना प्रभारियों की जिम्मेदारी तय करने और वरिष्ठ अधिकारियों को थानों के कामकाज की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए।

CSP और DSP स्तर के अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहकर अपराधों की जांच और कानून-व्यवस्था की निगरानी करने को कहा गया। लंबित अपराधों की समयबद्ध जांच पूरी करने, निर्धारित समयसीमा में चालान पेश करने और पुराने मामलों का जल्द निराकरण करने पर भी जोर दिया गया।

इसके अलावा समन और वारंट की तामिली के लिए डिजिटल मॉनिटरिंग व्यवस्था मजबूत करने तथा न्यायालयों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए।

साइबर ठगी और जमीन विवादों पर भी सख्ती

बैठक में साइबर अपराध और जमीन विवादों को लेकर भी पुलिस अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए। IG ने कहा कि साइबर ठगी से संबंधित शिकायतों पर 1930 हेल्पलाइन के माध्यम से त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि पीड़ितों को समय पर सहायता मिल सके।

वहीं जमीन विवादों में समय रहते प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करने को कहा गया, जिससे विवाद बढ़ने से रोके जा सकें। गंभीर अपराधों की गुणवत्तापूर्ण जांच करने और आरोपियों को जमानत मिलने की स्थिति में प्रभावी विरोध करने पर भी जोर दिया गया।

IG ने अधिकारियों को शिकायतकर्ताओं के साथ संवेदनशील व्यवहार करने, पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारियां स्पष्ट रखने और नागरिकों को समय पर पुलिस सेवाएं उपलब्ध कराने की हिदायत दी। पुलिस की इस तैयारी का उद्देश्य त्योहारों के दौरान बाजारों में यातायात व्यवस्था बेहतर बनाने, अपराधों पर नियंत्रण रखने और आम लोगों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है।