
दुर्ग। छत्तीसगढ़ के भिलाई में एक बड़ा जमीन घोटाला सामने आया है। शहर की जानी-मानी कंपनी 'सिंपलेक्स कास्टिंग्स लिमिटेड' के मालिक केतन शाह और उनकी पत्नी व कंपनी की डायरेक्टर संगीता शाह के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक षड्यंत्र का केस दर्ज किया गया है। रसूख के चलते पुलिस में सुनवाई न होने के बाद, ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास (JMFC) रवि कुमार महोबिया के सख्त निर्देश पर सुपेला थाने में यह एफआईआर दर्ज की गई है।
क्या है पूरा मामला?
शिकायतकर्ता सुनील कुमार सोमन ने बताया कि केतन और संगीता शाह ने ग्राम कोहका स्थित (खसरा क्रमांक 2049, 2023/2, 2023/1, 2071/1) 0.10 हेक्टेयर भूमि को पूरी तरह से विवादरहित बताकर 50 लाख रुपये में बेचने का सौदा किया था।
अग्रिम भुगतान और मुकरना:
13 मार्च 2023 को दोनों पक्षों के बीच इकरारनामा हुआ और 10 लाख रुपये बतौर एडवांस लिए गए। जब रजिस्ट्री की बारी आई तो आरोपी मुकर गए। बाद में खुलासा हुआ कि यह जमीन पहले से ही लीज पर और विवादित थी।
एक ही जमीन पर डबल गेम
चौंकाने वाली बात यह है कि शिकायतकर्ता से एग्रीमेंट करने के बाद, आरोपियों ने उसी जमीन को 'एक्सिस फाइनेंस लिमिटेड' के पास बंधक रखकर करीब 4.50 करोड़ रुपये का भारी भरकम लोन भी निकाल लिया। शिकायतकर्ता ने इसे 4.60 करोड़ रुपये की बड़ी आर्थिक क्षति और दोहरी धोखाधड़ी करार दिया है।
रसूख के चलते पुलिस रही मौन, कोर्ट ने दिखाया आइना
सुनील सोमन के अनुसार, इस धोखाधड़ी के बाद उन्होंने थाने से लेकर मुख्यमंत्री तक न्याय की गुहार लगाई। लेकिन आरोपियों की मजबूत आर्थिक और राजनीतिक पहुंच के कारण कोई कार्रवाई नहीं हुई। आखिरकार थक-हारकर उन्हें न्यायालय की शरण लेनी पड़ी।
न्यायिक मजिस्ट्रेट रवि कुमार महोबिया ने सभी दस्तावेजों की जांच के बाद इसे प्रथमदृष्टया संज्ञेय अपराध माना। 'ललिता कुमारी बनाम उत्तर प्रदेश राज्य' के ऐतिहासिक फैसले का हवाला देते हुए कोर्ट ने स्पष्ट किया कि संज्ञेय अपराध में एफआईआर दर्ज करना अनिवार्य (आज्ञापक) है। इसके बाद धारा 156 (3) CrPC के तहत सुपेला पुलिस को आईपीसी की धारा 120B, 406, 416, 420, 467, 468, 471 और 34 के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना के निर्देश दिए गए।
यह पहला दाग नहीं, पहले भी दर्ज हो चुकी है FIR
सिंपलेक्स कास्टिंग्स 50 वर्षों से भिलाई में व्यापार कर रही है, लेकिन इसके मालिकों पर यह पहला गंभीर आरोप नहीं है।
पुलगांव थाने का मामला: 7 अप्रैल 2025 को विशाल केजरीवाल नामक व्यक्ति ने भी पुलगांव थाने में धोखाधड़ी (अपराध क्र. 109/25, धारा 420) का केस दर्ज कराया था। उसमें भी एग्रीमेंट कर पैसे लेने और फिर रजिस्ट्री न करने का आरोप है।
मुंबई की संपत्ति का भी विवाद: आरोप यह भी है कि विशाल केजरीवाल से मुंबई स्थित एक संपत्ति के नाम पर भी धनराशि ली गई थी। इस मामले में संगीता शाह फिलहाल अग्रिम जमानत पर बाहर हैं।
क्या अब होगी गिरफ्तारी?
एक से अधिक आपराधिक मामले सामने आने और न्यायालय के सीधे हस्तक्षेप के बावजूद पुलिस की सुस्त कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। शिकायतकर्ता का सीधा आरोप है कि आरोपी आर्थिक रूप से अत्यधिक सशक्त हैं, जिसके चलते वे कानून के फंदे से बचने का प्रयास कर सकते हैं। अब सुपेला पुलिस ने विवेचना तो शुरू कर दी है ।