NJV डेस्क / बिलासपुर.

मस्तूरी गोलीकांड के फरार आरोपी की तलाश में बिलासपुर के लालखदान इलाके में दबिश देने गई पुलिस टीम के साथ बदसलूकी और झूमाझपटी का बड़ा मामला सामने आया है। पुलिस की कार्रवाई में बाधा डालने और वर्दीधारियों से उलझने के आरोप में फरार आरोपी नागेंद्र राय के बेटे और भतीजे को पुलिस ने गिरफ्तार कर सीधा जेल भेज दिया है। 

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के मुताबिक, मस्तूरी इलाके में हुए चर्चित गोलीकांड के फरार आरोपी नागेंद्र राय की सरगर्मी से तलाश की जा रही है। इसी कड़ी में तोरवा पुलिस की टीम आरोपी की तलाश में लालखदान स्थित उसके निवास पर पहुंची थी। पुलिस टीम ने जब घर का दरवाजा खुलवाकर तलाशी लेनी चाही, तो अंदर मौजूद परिजनों ने पुलिस का सहयोग करने से साफ इंकार कर दिया।

परिजनों ने पुलिस को चकमा देने के लिए घंटों तक घर का दरवाजा ही नहीं खोला।

दरवाजा खुलते ही पुलिस पर भड़के बेटे-भतीजे

काफी देर बाद जब घर का दरवाजा खुला, तो अंदर मौजूद आरोपी का बेटा **उदयाचल राय (33 वर्ष)** और भतीजा **सुब्रत राय (27 वर्ष)** उल्टे पुलिस बल पर ही भड़क गए। घर की तलाशी के दौरान दोनों युवकों ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के साथ जमकर गाली-गलौज और झूमाझपटी शुरू कर दी। आरोपियों ने पुलिस टीम को उनका शासकीय काम करने से बलपूर्वक रोकने की कोशिश की।

तोरवा पुलिस का एक्शन: दोनों भेजे गए जेल

खाकी से इस तरह पंगा लेना और कानून को हाथ में लेना दोनों युवकों को भारी पड़ गया। पुलिस टीम से बदसलूकी के बाद तोरवा पुलिस ने तत्काल एक्शन लेते हुए उदयाचल और सुब्रत को हिरासत में ले लिया।

 धाराएं: दोनों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा डालने (Obstructing official duty) का मामला दर्ज किया गया है।

बुधवार को पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से कोर्ट के आदेश पर उन्हें रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

फिलहाल पुलिस मुख्य आरोपी नागेंद्र राय की गिरफ्तारी के लिए अपने सूचना तंत्र को और सक्रिय कर चुकी है।