बिलासपुर जिले में अपराध और अपराधियों पर लगाम कसने के लिए पुलिस ने एक नई और अनोखी पहल शुरू की है। जिले के एसएसपी रजनेश सिंह ने अब रिटायर हो चुके अनुभवी पुलिस अफसरों और कर्मचारियों की मदद लेने का फैसला किया है। यह कदम मुख्य रूप से बढ़ते साइबर क्राइम नशाखोरी और महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों को रोकने के लिए उठाया गया है। पुलिस का मानना है कि रिटायर हो चुके जवानों का अनुभव और समाज में उनकी पकड़ आज भी बहुत मजबूत है। इस सकारात्मक पहल से पुलिस और आम जनता के बीच की दूरी कम होगी और अपराधियों में खौफ पैदा होगा।
अनुभव का मिलेगा सीधा फायदा

पुलिस विभाग से रिटायर होने के बाद भी अफसरों और जवानों के पास कानून की गहरी जानकारी होती है। एसएसपी रजनेश सिंह ने इसी बात को ध्यान में रखते हुए इन सभी अनुभवी लोगों की एक अहम बैठक बुलाई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य समाज में एक बड़ा संदेश देना था। एसएसपी ने साफ किया कि पुलिस की नौकरी से रिटायरमेंट जरूर मिला है लेकिन समाज के प्रति जिम्मेदारी अभी खत्म नहीं हुई है। अब तक इन जवानों ने पुलिस विभाग में रहकर शानदार काम किया है। अब समय आ गया है कि वे अपने अनुभव का सीधा लाभ आम जनता और पुलिस विभाग को दें ताकि समाज और ज्यादा सुरक्षित बन सके।

नए जमाने के अपराधों पर रहेगा फोकस

आजकल साइबर फ्रॉड और नशाखोरी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इसके अलावा महिलाओं से जुड़े अपराध भी चिंता का विषय हैं। इन पर काबू पाने के लिए रिटायर पुलिसकर्मियों की टीम अपने आसपास के इलाकों में पूरी तरह सक्रिय रहेगी। ये लोग मोहल्लों और कॉलोनियों में जागरूकता कैंप लगाएंगे। आम लोगों को कानून की बारीकियों के बारे में बिल्कुल सरल भाषा में समझाएंगे। साइबर ठगों से कैसे बचना है इसकी जानकारी भी लोगों को दी जाएगी। इससे जनता जागरूक होगी और अपराध का ग्राफ तेजी से नीचे आएगा।

लोकल इंटेलिजेंस और सूचना तंत्र होगा मजबूत

रिटायर पुलिसकर्मियों का आम जनता से बहुत पुराना और गहरा नाता होता है। लोग उन पर आसानी से भरोसा करते हैं। पुलिस इसी भरोसे का फायदा उठाना चाहती है। ये रिटायर जवान अपने इलाकों की हर छोटी बड़ी गतिविधियों पर नजर रखेंगे। अगर कोई संदिग्ध व्यक्ति या अपराधी किस्म का इंसान इलाके में दिखता है तो उसकी सूचना तुरंत नजदीकी थानेदार को दी जाएगी। अगर थाने स्तर पर कोई सुनवाई नहीं होती है तो ये जवान सीधे वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क करेंगे। सूचनाओं के इस तेजी से आदान प्रदान के कारण अपराधियों का मनोबल टूटेगा और उन्हें सही रास्ते पर लाना बहुत आसान हो जाएगा।

सम्मान पाकर रिटायर पुलिसकर्मी भी हुए खुश

लंबे समय तक पुलिस विभाग को अपनी सेवाएं देने वाले अफसर और जवान रिटायरमेंट के बाद अक्सर खुद को अकेला महसूस करते हैं। एसएसपी की इस नई पहल से उन्हें फिर से मुख्यधारा से जुड़ने का शानदार मौका मिला है। बैठक में शामिल हुए सभी रिटायर पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने इस कदम की जमकर तारीफ की। उनका कहना था कि रिटायरमेंट के बाद विभाग से जो सम्मान और बुलावा उन्हें मिला है वह बहुत खुशी की बात है। वे सभी समाज की भलाई और अपराध रोकने में बिलासपुर पुलिस का पूरा साथ देने के लिए एकदम तैयार हैं।

पूरे राज्य के लिए बन सकता है एक बेहतरीन मॉडल

बिलासपुर पुलिस की यह सकारात्मक पहल पूरे राज्य के लिए एक बेहतरीन मॉडल बन सकती है। आम तौर पर देखा जाता है कि पुलिस के पास स्टाफ की कमी होती है। ऐसे में पुराने और अनुभवी पुलिसकर्मियों का साथ मिलना किसी बड़ी ताकत से कम नहीं है। यह समाज और पुलिस के बीच एक बहुत मजबूत पुल का काम करेगा। जब एक अनुभवी और जाना पहचाना चेहरा लोगों को कानून के बारे में बताएगा तो उसका असर बहुत गहरा होगा। इससे न केवल अपराध रुकेंगे बल्कि समाज का पूरा वातावरण भी सुरक्षित और बेहतर बनेगा।

बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद

इस खास बैठक में बिलासपुर एसएसपी रजनेश सिंह के साथ कई बड़े पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। इनमें एडिशनल एसपी पटेल एएसपी मधुलिका सिंह सीएसपी कोतवाली गगन कुमार और सीएसपी निमितेश सिंह शामिल थे। इसके अलावा बड़ी संख्या में रिटायर डीएसपी सूबेदार और अन्य सेवा निवृत्त पुलिस कर्मचारी भी इस बैठक का अहम हिस्सा बने। सभी ने मिलकर जिले को अपराध मुक्त बनाने की दिशा में काम करने का संकल्प लिया 

संकल्प लिया।