
रायगढ़ : सिर्फ बिरयानी खाने के लिए रुपये जुटाने की सनक में पांच युवकों ने मिलकर एक अनजान व्यक्ति की जान ले ली। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ स्थित ट्रांसपोर्ट नगर बस स्टैंड के पास सड़क किनारे ट्रक के नजदीक सो रहे व्यक्ति को आरोपियों ने लूट का आसान निशाना समझा। जेब से रुपये निकालने की कोशिश के दौरान युवक की नींद खुली तो विरोध किया। आरोप है कि आरोपियों में शामिल एक विधि से संघर्षरत बालक ने बटन वाली चाकू से उसके सीने, भुजा, जांघ और पीठ पर ताबड़तोड़ वार कर दिया। हत्या के बाद आरोपियों ने मृतक की जेब से 700 रुपये निकाले और आपस में बांट लिए। जूटमिल पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्याकांड का 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए 19 वर्षीय राजेश्वर सारथी उर्फ समारू और चार विधि से संघर्षरत बालकों को अभिरक्षा में लिया है। पुलिस ने वारदात के दौरान पहने गए खून से सने कपड़े, घटना में इस्तेमाल मोटरसाइकिल और बटन वाली चाकू जब्त किया है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
सड़क किनारे सो रहा था व्यक्ति, मौत बनकर पहुंचे आरोपी
जूटमिल पुलिस को ट्रांसपोर्ट नगर बस स्टैंड के पास एक अज्ञात पुरुष का शव पड़े होने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी, थाना जूटमिल की टीम और फॉरेंसिक साइंस लैब की टीम मौके पर पहुंची। घटनास्थल का निरीक्षण करने पर मृतक के सीने और कंधे समेत शरीर के कई हिस्सों में चोट के निशान मिले। मृतक की उम्र लगभग 35 से 40 वर्ष आंकी गई, लेकिन तत्काल उसकी पहचान नहीं हो सकी। पुलिस ने शव को सुरक्षित रख कर जांच शुरू की। अगले दिन डॉक्टरों की टीम से मिली शॉर्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत को हत्या बताए जाने के बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 103(1) के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना तेज कर दी।
सीसीटीवी फुटेज और मुखबिरों से हुआ खुलासा
शहर में हुई गंभीर वारदात को देखते हुए एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देश पर एएसपी अनिल सोनी ने घटनास्थल पहुंचकर पुलिस टीम को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। थाना प्रभारी अभिनव कांत के नेतृत्व में पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। संदिग्धों के हुलिए और स्थानीय स्तर पर मिली सूचनाओं के आधार पर जांच आगे बढ़ाई गई। जांच के दौरान पुलिस को करीब 15 से 16 वर्ष के लड़कों की संलिप्तता के संकेत मिले। इसके बाद मिट्ठूमुड़ा, बजरंगपारा और सांगीतराई क्षेत्र में दबिश दी गई। पुलिस ने राजेश्वर सारथी उर्फ समारू और चार विधि से संघर्षरत बालकों को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपियों ने वारदात में शामिल होना स्वीकार किया।
नशे की लत, लूट की आदत और फिर हत्या
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में सामने आया कि आरोपी नशा करते थे और कथित तौर पर कबाड़ चोरी करने के अलावा रात में अकेले आने-जाने वाले लोगों, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड के आसपास मौजूद व्यक्तियों तथा असहाय लोगों को निशाना बनाकर मोबाइल और रुपये लूटते थे। लूट से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल वे खाने-पीने में करते थे। 23 अक्टूबर की रात करीब एक बजे सभी नशे की हालत में थे। इसी दौरान कुछ लड़कों ने बिरयानी खाने की इच्छा जताई। रुपये जुटाने के लिए उन्होंने फिर लूटपाट की योजना बनाई। दो आरोपी एचएफ डीलक्स मोटरसाइकिल क्रमांक सीजी 04 एम 3674 से ट्रांसपोर्ट नगर बस स्टैंड पहुंचे, जबकि तीन अन्य भी उनके पीछे वहां पहुंच गए।
विरोध किया तो चाकू से किया लगातार वार
आरोपियों की निशानदेही के अनुसार, फल दुकान के पास सड़क किनारे खड़े ट्रक के नजदीक एक व्यक्ति सो रहा था। आरोपियों ने उसकी जेब से रुपये और मोबाइल निकालने की कोशिश की। इसी दौरान व्यक्ति की नींद खुल गई और उसने विरोध किया। आरोप है कि तभी एक विधि से संघर्षरत बालक ने बटन वाली चाकू निकालकर उस पर लगातार कई वार कर दिए। गंभीर चोटों के कारण व्यक्ति की मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपियों ने मृतक की जेब से 700 रुपये निकाले और रकम आपस में बांट ली। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर घटना के समय पहने गए खून से सने कपड़े, मोटरसाइकिल और बटन वाली चाकू जब्त कर लिया है।
अज्ञात शव से हत्याकांड तक पहुंची पुलिस
शुरुआत में मृतक की पहचान नहीं होने के कारण पुलिस के सामने बहुत बड़ी चुनौती थी। घटनास्थल के निरीक्षण, सीसीटीवी फुटेज, मुखबिरों से मिली जानकारी और संदिग्धों से पूछताछ के जरिए पुलिस आरोपियों तक पहुंची। स्थानीय लोगों ने भी जांच में सहयोग किया। जूटमिल पुलिस मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है। आरोपियों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने और नियमानुसार रिमांड की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। चारों नाबालिगों के संबंध में किशोर न्याय कानून के तहत प्रक्रिया लागू होगी।