
अभनपुर: Abhanpur विधानसभा क्षेत्र में विधायक इंद्रकुमार साहू को लेकर ग्रामीणों की नाराजगी खुलकर सामने आने लगी है। पहली बार चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे विधायक से लोगों को बड़े विकास कार्यों की उम्मीद थी, लेकिन जमीनी हालात कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं। नेशनल जगत विजन की टीम ने विधायक के गृहग्राम बेंद्री समेत कई गांवों का दौरा किया, जहां सफाई, पेयजल, अवैध शराब और अधूरे विकास कार्यों को लेकर ग्रामीणों ने खुलकर असंतोष जाहिर किया। खास बात यह रही कि विधायक के अपने गांव में ही लोगों ने सबसे ज्यादा नाराजगी जताई।
बेंद्री गांव में स्कूल के पास फैली गंदगी और कचरे के ढेर ने ग्रामीण व्यवस्था की पोल खोल दी। महिलाओं ने बताया कि नल-जल योजना केवल कागजों तक सीमित है और कई मोहल्लों में नियमित पानी तक नहीं पहुंच रहा। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में खुलेआम अवैध शराब बिक रही है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ आश्वासन मिलते हैं। लोगों का कहना है कि विधायक गांव में रहते जरूर हैं, लेकिन समस्याओं की ओर ध्यान नहीं देते। कई ग्रामीणों ने यह तक कहा कि पिछले दो वर्षों में ऐसा कोई बड़ा काम नजर नहीं आया, जिसे विकास के तौर पर गिनाया जा सके।
Raipur जिले के केंद्री और अभनपुर मुख्यालय में भी हालात अलग नहीं दिखे। केंद्री गांव की महिलाओं ने नशे को सबसे बड़ी समस्या बताया। उनका कहना था कि शाम ढलते ही स्टेशन क्षेत्र के आसपास शराब और गांजा सेवन करने वालों का जमावड़ा लग जाता है, जिससे गांव का माहौल खराब हो रहा है। वहीं अभनपुर वार्ड नंबर 1 और 3 में लोगों ने अधूरी सड़कें, रुके हुए तालाब निर्माण और जनसमस्याओं के निराकरण में लापरवाही के आरोप लगाए। एक दिव्यांग युवक के पिता ने नाराजगी जताते हुए कहा कि कई बार कार्यालय के चक्कर लगाने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई।
भेलवाडीह और पचेड़ा पंचायत में भी ग्रामीणों ने पेयजल संकट और अधूरे विकास कार्यों को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी। महिलाओं ने बताया कि कई घरों में नल कनेक्शन अधूरे हैं और पानी टंकियां महीनों से बंद पड़ी हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि गांवों में अवैध शराब बिक्री लगातार बढ़ रही है, लेकिन प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। पचेड़ा के लोगों ने कहा कि चुनाव के समय किए गए वादे आज भी अधूरे हैं और गांवों में बुनियादी सुविधाओं की कमी बनी हुई है।
निमोरा गांव में भी पानी संकट सबसे बड़ा मुद्दा बनकर सामने आया। ग्रामीणों ने कहा कि वर्षों से पानी की समस्या जस की तस बनी हुई है और मौजूदा विधायक से लोगों की उम्मीदें अब टूटने लगी हैं। कुछ बुजुर्गों ने खुलकर नाराजगी जताते हुए कहा कि नेताओं के वादे सिर्फ चुनाव तक सीमित रहते हैं। युवाओं का भी कहना है कि विकास के नाम पर सिर्फ दावे हुए, लेकिन जमीन पर कोई बड़ा बदलाव दिखाई नहीं देता। विधानसभा क्षेत्र में बढ़ती नाराजगी आने वाले समय में स्थानीय राजनीति का बड़ा मुद्दा बन सकती है।