रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में हाथियों का आतंक एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। धरमजयगढ़ वन मंडल में बीती रात हाथियों के झुंड ने खेतों में घुसकर 8 किसानों की धान की फसल रौंद दी, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
वन विभाग के अनुसार, धरमजयगढ़ वन मंडल में इस समय करीब 98 हाथियों का बड़ा दल अलग-अलग क्षेत्रों में विचरण कर रहा है, जबकि पूरे जिले में कुल 101 हाथियों की मौजूदगी दर्ज की गई है। सोमवार रात यह झुंड खेतों तक पहुंच गया और चाल्हा, बरतापाली, माढरमार, आमापाली और भंडरीमुड़ा जैसे गांवों में किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया।
ग्रामीणों ने रात में हाथियों के खेतों में घुसने की सूचना मिलते ही वन अमले के साथ उन्हें खदेड़ने की कोशिश की, लेकिन हाथी काफी देर तक डटे रहे और सुबह होने से पहले जंगल की ओर लौट गए। फिलहाल नुकसान का आकलन किया जा रहा है और प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
इस बीच मानव-हाथी संघर्ष का एक और मामला सामने आया है। ओंगना गांव में महुआ बिनने गई महिलाओं का सामना अचानक एक हाथी से हो गया। हाथी ने उन्हें दौड़ा लिया, जिसमें भारती यादव नाम की महिला घायल हो गई। उनके चेहरे पर चोट आई है और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
वन विभाग ने बताया कि जिले में मौजूद 101 हाथियों में 26 नर, 50 मादा और 22 शावक शामिल हैं। इनकी गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, लेकिन रात के समय खेतों में पहुंचने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे रात में खेतों की ओर न जाएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत वन विभाग को दें। बढ़ते मानव-हाथी संघर्ष के बीच अब स्थायी समाधान की मांग भी तेज होती जा रही है।





