
बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ में पदोन्नति और वेतन विसंगति को लेकर सोमवार को प्रदेशभर के पटवारी एक दिवसीय हड़ताल पर रहे। विभिन्न जिलों में पटवारियों ने धरना-प्रदर्शन कर अपनी दो प्रमुख मांगों को लेकर राज्य सरकार का ध्यान आकर्षित किया। बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में भी बड़ी संख्या में पटवारी जिला मुख्यालय स्थित दशहरा मैदान में एकत्र हुए और मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया। पटवारी संघ ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द समाधान नहीं निकला तो प्रांत स्तर पर बैठक कर आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
दो सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन
पटवारी संघ की प्रमुख मांगें हैं, राजस्व निरीक्षक (RI) और नायब तहसीलदार पदों पर पदोन्नति में 50-50 प्रतिशत अवसर वरिष्ठता और विभागीय परीक्षा के आधार पर सुनिश्चित किए जाएं। वेतन विसंगति दूर कर समान कार्य के अनुरूप उचित वेतनमान लागू किया जाए। संघ का कहना है कि लंबे समय से इन मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
'2013 के बाद नहीं हुआ प्रमोशन'
प्रदर्शन के दौरान पटवारी संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि राज्य में 2013 के बाद से नियमित पदोन्नति नहीं हुई है, जिससे बड़ी संख्या में कर्मचारी वर्षों से एक ही पद पर कार्यरत हैं। उनका कहना है कि राजस्व निरीक्षकों के कई पद रिक्त हैं, बावजूद इसके पदोन्नति प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई जा रही है।
राजस्व व्यवस्था पर भी पड़ रहा असर
संघ का कहना है कि पर्याप्त संख्या में राजस्व निरीक्षक नहीं होने से राजस्व कार्यों का बोझ लगातार बढ़ रहा है। अगर समय पर पदोन्नति की प्रक्रिया पूरी की जाए तो विभागीय कार्यों में तेजी आएगी और प्रशासनिक व्यवस्था भी अधिक प्रभावी होगी।
मांगें नहीं मानी गईं तो होगा बड़ा आंदोलन
पटवारी संघ ने कहा कि फिलहाल एक दिवसीय हड़ताल के माध्यम से सरकार तक अपनी मांगें पहुंचाई गई हैं। अगर सरकार की ओर से सकारात्मक पहल नहीं होती, तो प्रांतीय स्तर पर बैठक कर अगले चरण के आंदोलन की घोषणा की जाएगी।