रायपुर/दुर्ग: छत्तीसगढ़ में पहली बार 'अफ्रीकी स्वाइन फीवर' (African Swine Fever - ASF) ने इतनी भयानक दस्तक दी है कि राज्य भर के पशुपालकों और प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए हैं। प्रदेश की स्टील सिटी दुर्ग-भिलाई के धमधा ब्लॉक में इस जानलेवा वायरस ने भारी कहर बरपाया है। यहां संक्रमण की चपेट में आने से 300 से अधिक सूअरों की दर्दनाक मौत हो गई है। हालात की गंभीरता को देखते हुए दुर्ग जिला प्रशासन तुरंत अलर्ट मोड पर आ गया है। संक्रमण को रोकने के लिए प्रशासन ने मुड़पार से लगे 21 गांवों और 5 वार्डों को 'इन्फेक्टेड' और 'सर्विलांस जोन' घोषित कर दिया है।

कलेक्टर का सख्त एक्शन: 6 महीने तक रहेगा प्रतिबंध

दुर्ग जिले के कलेक्टर अभिजीत सिंह ने इस महामारी को फैलने से रोकने के लिए युद्ध स्तर पर कदम उठाए हैं। कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, प्रभावित फार्म से 1 किलोमीटर के दायरे को 'इन्फेक्टेड जोन' (Infected Zone) और 1 से 10 किलोमीटर तक के विस्तृत क्षेत्र को 'सर्विलांस जोन' (Surveillance Zone) में रखा गया है। प्रशासन की ओर से सख्त हिदायत दी गई है कि यह पाबंदी आगामी 6 महीने या अगले दिशा-निर्देश आने तक पूरी कड़ाई के साथ लागू रहेगी।

इन 21 गांवों और 5 वार्डों में प्रशासन की पैनी नजर

संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए सर्विलांस जोन का दायरा काफी बड़ा रखा गया है। इसके तहत धमधा और भिलाई के कई ग्रामीण और शहरी इलाकों को शामिल किया गया है:

 प्रमुख गांव:** नारधा, मोहंदी, ओखरा, चेटूवा, खेरधी, ढौर, रिगंनी और मुरमुदा।

 अन्य प्रभावित क्षेत्र: कंडरका, सेमरिया, नंदौरी, हिंगनाडीह, गोढी, ढाबा, अछोटी, दादर, बोरसी, लिमतरा, मुर्रा और खेदामारा।

 प्रमुख वार्ड:  जामूल और सूरडूंग।

इन सभी जगहों पर पशुपालन विभाग और स्वास्थ्य अमले की टीमें लगातार गश्त कर रही हैं और स्थिति की बारीकी से मॉनिटरिंग की जा रही है।

मांस की बिक्री, बाजार और डिलीवरी पर पूर्ण रोक

अफ्रीकी स्वाइन फीवर बेहद संक्रामक है, इसे देखते हुए इन्फेक्टेड और सर्विलांस जोन में सूअरों और उनसे जुड़े किसी भी उत्पाद की आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। इन क्षेत्रों में सूअर बाजार, मांस की दुकानें और डोर-टू-डोर डिलीवरी सेवाओं को तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया गया है।

अफवाह फैलाई तो होगी जेल, कड़े कानूनों के तहत FIR

इस संवेदनशील मौके पर भ्रामक जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ भी प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। कलेक्टर अभिजीत सिंह ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से अफवाह फैलाता है, तो उसके खिलाफ **भारतीय न्याय संहिता (BNS)** और **पशु रोग नियंत्रण अधिनियम 2009** के कड़े प्रावधानों के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। उल्लंघनकर्ताओं को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

संक्रमण को रोकने के लिए दिया गया जहरीला इंजेक्शन

राज्य में अफ्रीकी स्वाइन फीवर का यह पहला ऐसा मामला है, जहां इतनी बड़ी संख्या में सूअर संक्रमित पाए गए हैं। पशुपालन विभाग के मुताबिक, बीमारी की गंभीरता इतनी ज्यादा थी कि कई सूअरों ने तड़प कर दम तोड़ दिया। वहीं, वायरस को बाकी स्वस्थ पशुओं तक पहुंचने से रोकने के लिए कड़े कदम उठाने पड़े। विभाग को मजबूरी में अन्य संक्रमित सूअरों को नियंत्रित करने के लिए उन्हें जहरीला इंजेक्शन देकर मारना (Culling) पड़ा।

वैज्ञानिकों की टीम करेगी ग्राउंड जीरो पर जांच

आखिर यह घातक वायरस छत्तीसगढ़ के इस फार्म तक कैसे पहुंचा? इस सवाल का जवाब तलाशने के लिए अब वैज्ञानिकों की एक विशेष टीम विस्तृत जांच और सर्वे करेगी। ग्राउंड जीरो पर संक्रमण के स्रोत (Source of Infection) का पता लगाने के लिए सैंपलिंग का काम तेज कर दिया गया है। इस घटना के बाद से प्रदेश के अन्य जिलों में भी पशुपालन विभाग को अलर्ट रहने के निर्देश दे दिए गए हैं।