रायपुर। छत्तीसगढ़ में राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर 2 नवंबर 2026 को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में राज्योत्सव का आयोजन किया जाएगा। इसको लेकर राज्य सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। सामान्य प्रशासन विभाग ने 27 अक्टूबर को कार्यक्रमों के लिए मुख्य अतिथियों की सूची जारी कर दी है। इस वर्ष राज्योत्सव की थीम ‘सशक्त नारी, युवा उड़ान’ रखी गई है। आयोजन के दौरान प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं की उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जाएगा।

राज्योत्सव को लेकर जिला प्रशासन को संबंधित मुख्य अतिथियों से समन्वय स्थापित कर कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का उद्देश्य आयोजन के माध्यम से विकास कार्यों की जानकारी आम जनता तक पहुंचाना और स्थानीय प्रतिभाओं को मंच उपलब्ध कराना है।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों से सजेगा आयोजन

छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के दौरान जिला मुख्यालयों में विभिन्न विभागों की ओर से प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इनमें सरकारी योजनाओं, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों और विकास परियोजनाओं की जानकारी दी जाएगी। स्थानीय लोक कलाकार गीत, संगीत और नृत्य के माध्यम से छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति की झलक पेश करेंगे।

इसके अलावा विभिन्न सरकारी योजनाओं के पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करने की व्यवस्था भी की जाएगी। इससे लोगों को योजनाओं की जानकारी मिलने के साथ उनके लाभ लेने की प्रक्रिया को समझने का अवसर मिलेगा।

किस जिले में कौन होगा राज्योत्सव का मुख्य अतिथि?

राज्य सरकार की ओर से जारी सूची में मंत्रियों, सांसदों और विधायकों को अलग-अलग जिलों में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की जिम्मेदारी दी गई है।

मंत्री और अन्य प्रमुख जनप्रतिनिधि:

  • बिलासपुर: उप मुख्यमंत्री अरुण साव

  • दुर्ग: उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

  • जांजगीर-चांपा: केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू

  • रायगढ़: ओपी चौधरी

  • सरगुजा: रामविचार नेताम

  • कांकेर: केदार कश्यप

  • कोरबा: लखनलाल देवांगन

  • जशपुर: श्याम बिहारी जायसवाल

  • खैरागढ़-छुईखदान-गंडई: दयालदास बघेल

  • सूरजपुर: लक्ष्मी राजवाड़े

  • गरियाबंद: टंकराम वर्मा

  • राजनांदगांव: गजेंद्र यादव

  • बीजापुर: गुरु खुशवंत साहेब

सांसदों को भी सौंपी गई जिम्मेदारी

राज्योत्सव के जिला स्तरीय आयोजनों में सांसदों की भी भागीदारी रहेगी। जारी सूची के अनुसार, बलौदाबाजार-भाटापारा में बृजमोहन अग्रवाल, बेमेतरा में विजय बघेल और कबीरधाम में संतोष पांडेय मुख्य अतिथि होंगे। बलरामपुर-रामानुजगंज में चिंतामणि महाराज तथा महासमुंद में रूपकुमारी चौधरी कार्यक्रम में शामिल होंगी।

इसी तरह सारंगढ़-बिलाईगढ़ में राधेश्याम राठिया, सक्ती में कमलेश जांगड़े, दंतेवाड़ा में महेश कश्यप, बालोद में भोजराज नाग और सुकमा में देवेंद्र प्रताप सिंह को जिम्मेदारी दी गई है। मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में लक्ष्मी वर्मा मुख्य अतिथि होंगी।

इन जिलों में विधायक करेंगे कार्यक्रमों में शिरकत

कुछ जिलों में राज्योत्सव कार्यक्रमों की जिम्मेदारी विधायकों को दी गई है। कोरिया में भैयालाल राजवाड़े, मुंगेली में पुन्नूलाल मोहले और धमतरी में अजय चंद्राकर मुख्य अतिथि होंगे। मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में रेणुका सिंह तथा गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में अमर अग्रवाल कार्यक्रम में शामिल होंगे।

वहीं, कोंडागांव में लता उसेंडी, नारायणपुर में विक्रम उसेंडी और बस्तर में किरण देव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।

1 से 3 नवंबर तक जगमगाएंगे सरकारी भवन

राज्योत्सव के अवसर पर प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में स्थित सरकारी भवनों को 1 से 3 नवंबर तक आकर्षक रोशनी से सजाया जाएगा। संबंधित सरकारी विभागों को सजावट की व्यवस्था करने और इसका खर्च अपने बजट से वहन करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासन को कार्यक्रमों की तैयारियां समय पर पूरी करने, स्थानीय कलाकारों को अवसर देने और जनप्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।

कुल मिलाकर, छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, विकास कार्यों की प्रदर्शनियों और सरकारी योजनाओं के माध्यम से प्रदेश की उपलब्धियों को सामने लाने की तैयारी है। 2 नवंबर को होने वाले इन जिला स्तरीय आयोजनों के साथ 1 से 3 नवंबर तक सरकारी भवनों की रोशनी भी उत्सव का आकर्षण बनेगी।