
रायपुर। छत्तीसगढ़ में शासकीय कर्मचारियों और पेंशनरों के महंगाई भत्ते (DA) को लेकर एक बार फिर मांग तेज हो गई है। केंद्र सरकार द्वारा केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी किए जाने के बाद छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने भी राज्य सरकार से महंगाई भत्ता बढ़ाने की मांग की है। फेडरेशन ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर प्रदेश के कर्मचारियों और पेंशनरों को दिवाली से पहले लंबित 5 प्रतिशत महंगाई भत्ता एरियर सहित देने की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि मांग पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन किया जाएगा।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को लिखा पत्र
छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में कहा है कि भारतीय जनता पार्टी ने अपने घोषणा पत्र में प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों को केंद्र के समान महंगाई भत्ता देने और एरियर का लाभ प्रदान करने का वादा किया था। ऐसे में राज्य के कर्मचारियों और पेंशनरों को भी केंद्र सरकार के अनुरूप महंगाई भत्ते का लाभ मिलना चाहिए।
फेडरेशन ने राज्य सरकार से आग्रह किया है कि लंबित 5 प्रतिशत महंगाई भत्ते को दिवाली से पहले स्वीकृति दी जाए। साथ ही इसका भुगतान देय तिथि से एरियर सहित किया जाए, ताकि कर्मचारियों और पेंशनरों को आर्थिक राहत मिल सके।
केंद्र और राज्य के DA में अंतर का मुद्दा
महंगाई भत्ते को लेकर कर्मचारियों की मांग के पीछे केंद्र और राज्य के बीच दरों का अंतर प्रमुख वजह बताया जा रहा है। खबर के लिए उपलब्ध विवरण के अनुसार, केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 3 प्रतिशत की वृद्धि के बाद यह दर 63 प्रतिशत हो गई है, जबकि छत्तीसगढ़ के शासकीय कर्मचारियों को वर्तमान में 58 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिलने की बात कही गई है।
ऐसे में दोनों के बीच महंगाई भत्ते की दर में 5 प्रतिशत का अंतर बताया जा रहा है। कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन चाहता है कि राज्य सरकार इस अंतर को दूर करने के लिए जल्द फैसला करे और कर्मचारियों को केंद्र के समान महंगाई भत्ता उपलब्ध कराए।
हालांकि, महंगाई भत्ते की इन दरों और हालिया वृद्धि की आधिकारिक पुष्टि संबंधित सरकारी आदेश से करना आवश्यक है।
बढ़ती महंगाई से कर्मचारियों पर आर्थिक दबाव
फेडरेशन का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई के कारण कर्मचारियों और पेंशनरों के घरेलू बजट पर दबाव बढ़ रहा है। रोजमर्रा की जरूरतों, खाद्य सामग्री, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य आवश्यक खर्चों में वृद्धि के बीच महंगाई भत्ता आर्थिक राहत देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
संगठन के अनुसार, केंद्र के समान महंगाई भत्ता मिलने से प्रदेश के शासकीय सेवकों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को राहत मिलेगी। इसके अलावा, लंबित राशि का एरियर सहित भुगतान किए जाने से कर्मचारियों को बकाया लाभ भी प्राप्त होगा।
मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने मुख्यमंत्री से घोषणा पत्र में किए गए वादे के अनुरूप निर्णय लेने की अपील की है। संगठन ने कहा है कि राज्य सरकार को कर्मचारियों और पेंशनरों के हितों को ध्यान में रखते हुए लंबित 5 प्रतिशत महंगाई भत्ता स्वीकृत करना चाहिए।
फेडरेशन ने पत्र में स्पष्ट किया है कि यदि सरकार महंगाई भत्ते के संबंध में शीघ्र निर्णय नहीं लेती है, तो संगठन उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। इससे आने वाले दिनों में प्रदेश में DA बढ़ोतरी का मुद्दा और तेज होने की संभावना है।
फिलहाल, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय या राज्य सरकार की ओर से इस मांग पर निर्णय की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। अब कर्मचारियों और पेंशनरों की नजर राज्य सरकार के अगले कदम पर टिकी हुई है। दिवाली से पहले महंगाई भत्ते को लेकर सरकार क्या फैसला करती है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।
