वाराणसी। देश के सबसे संवेदनशील धार्मिक स्थलों में शामिल काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में पीएसी (प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी) के एक जवान की कार्बाइन से अचानक गोली चलने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना में तीन लोग घायल हो गए, जिन्हें उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। हालांकि किसी की हालत गंभीर नहीं बताई गई, लेकिन इतनी सुरक्षित मानी जाने वाली जगह पर हुई इस घटना ने सुरक्षा प्रोटोकॉल और हथियारों के संचालन को लेकर नई बहस छेड़ दी है। प्रारंभिक जांच में पुलिस इसे 'एक्सीडेंटल फायर' (दुर्घटनावश चली गोली) का मामला मान रही है। हालांकि घटना किन परिस्थितियों में हुई, इसमें किसी स्तर पर लापरवाही हुई या नहीं, इसकी विस्तृत जांच अभी जारी है।

कैसे हुई घटना?
जानकारी के अनुसार, 48वीं वाहिनी पीएसी में तैनात जवान अमरनाथ चौहान ड्यूटी पर मौजूद थे। इसी दौरान उनकी कार्बाइन से अचानक गोली चल गई। गोली लगने से तीन श्रद्धालु घायल हो गए। मौके पर मौजूद पुलिस और सुरक्षा कर्मियों ने तत्काल घायलों को अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें घर भेज दिया गया।

शुरुआती जांच में क्या सामने आया?
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती जांच में यह मामला दुर्घटनावश फायरिंग का प्रतीत हो रहा है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि कार्बाइन जवान के हाथ से कैसे गिरी या गोली चलने से पहले हथियार की स्थिति क्या थी ? जांच में यह भी देखा जा रहा है कि क्या हथियार सही तरीके से सुरक्षित (सेफ मोड) में था? कार्बाइन गिरने के बाद तकनीकी खराबी के कारण गोली चली या मानवीय चूक हुई? ड्यूटी के दौरान हथियार संचालन के सभी सुरक्षा नियमों का पालन किया गया था या नहीं?

सुरक्षा प्रोटोकॉल पर उठे सवाल
घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि इतनी संवेदनशील जगह पर तैनात जवान के हथियार से अचानक गोली कैसे चल गई। सामान्य प्रक्रिया के तहत ड्यूटी के दौरान हथियारों की नियमित तकनीकी जांच और सुरक्षा मानकों का पालन किया जाता है। किसी स्तर पर लापरवाही हुई है तो इसकी जिम्मेदारी तय किए जाने की मांग उठ रही है। सूत्रों के अनुसार, यह भी जांच का विषय है कि घटना के बाद संबंधित जवान का मेडिकल परीक्षण और हथियार की फोरेंसिक जांच समय पर हुई या नहीं।

विभागीय जांच होगी
घटना के बाद पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। पूरे मामले की जानकारी पीएसी अधिकारियों को भी दे दी गई है। एसीपी डॉ. अतुल अंजन त्रिपाठी ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला दुर्घटनावश फायरिंग का प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि घटना की सूचना पीएसी के वरिष्ठ अधिकारियों को दे दी गई है। अब विभागीय जांच में यह स्पष्ट होगा कि गोली किन परिस्थितियों में चली, हथियार की तकनीकी स्थिति क्या थी और कहीं सुरक्षा नियमों के पालन में कोई चूक तो नहीं हुई। फिलहाल, पुलिस और पीएसी दोनों स्तर पर मामले की जांच जारी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही घटना के वास्तविक कारण और जिम्मेदारी स्पष्ट हो सकेगी।