
नई दिल्ली: Umar Khalid को Delhi High Court से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगा मामले में जेल में बंद उमर खालिद को मानवीय आधार पर अंतरिम जमानत दे दी है। कोर्ट ने उन्हें 1 जून से 3 जून तक के लिए राहत प्रदान की है, ताकि वे अपनी मां की सर्जरी के दौरान परिवार के साथ रह सकें और अपने चाचा के चहलुम में शामिल हो सकें। इस फैसले के बाद उमर खालिद तय अवधि के लिए तिहाड़ जेल से बाहर आ सकेंगे।
सुनवाई के दौरान उमर खालिद की ओर से अदालत को बताया गया कि उनकी मां की तबीयत गंभीर है और जल्द सर्जरी होनी है। परिवार को इस कठिन समय में उनकी मौजूदगी की जरूरत है। इसके साथ ही पारिवारिक धार्मिक रस्म में शामिल होने की अनुमति भी मांगी गई थी। अदालत ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सीमित अवधि के लिए अंतरिम राहत मंजूर की और स्पष्ट किया कि जमानत अवधि के दौरान कोर्ट द्वारा तय सभी शर्तों का पालन करना अनिवार्य होगा।
उमर खालिद फिलहाल दिल्ली दंगों से जुड़े यूएपीए मामले में न्यायिक हिरासत में हैं। इससे पहले भी उन्होंने स्वास्थ्य और पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए अंतरिम जमानत की मांग की थी। यह मामला लंबे समय से राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक और कानूनी बहस का विषय बना हुआ है। अब हाई कोर्ट के इस फैसले के बाद एक बार फिर दिल्ली दंगा केस और यूएपीए कानून को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।